सागरपाली सचिव ने खूंटी पर टांग दिया छत्तीसगढ़ शासन के नियम कानून
सागरपाली सचिव ने खूंठी पर टांग दिया छतीसगढ़ शासन के नियम व कानून
नही रहता मुख्यालय में ग्रामीणों को हो रही परेशानी, सचिव कर रहा ग्रामीणों को गुमराह
बसना - पंचायतीराज की अवधारणाओं को मूर्त रूप देने के लिए गांव-गांव में पंचायत सचिवों को नियुक्त किया गया जो शासकीय कर्मचारी के रूप में शासन की याजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकें, परन्तु बसना जनपद पंचायत केग्राम पंचायत सागरपाली के सचिव मुख्यालय व पंचायत भवन में अपने कार्यलयीन समय में नही रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों को पंचायत सचिव के नही मिलने से शासकीय योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पा रही है।
*सूचना के अधिकारी अधिनियम की उड़ा रहा धज्जियाँ*
सरकारी काम की पारदर्शिता और जनता के प्रति अधिकारियों को जवाबदेह बनाने के लिएसूचना के अधिकार अधिनियम लागू किया गया है। लेकिन सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना पर इस सचिव ने पानी फेर दिया है।अधिकतम समय सीमा गुजरने के बावजूद भी सूचना उपलब्ध नही करा रहा है।
*अब तक नही मिली शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशी*
ग्रामीणों के द्वारा ग्राम पंचायत के आदेश पर स्वयं की राशि लगाकर घरों में शौचालय निर्माण किया गया था। जिससे ग्राम पंचायत ओडीएफ बन सके। ग्रामीणों के सहयोग से तो ग्राम पंचायत ओडीएफ बन गया, लेकिन ग्रामीणों को मिलने वाला प्रोत्साहन राशि 12 हजार रुपए अब तक नहीं मिल पाया हैं और न ही कई लोगों को शौचालय निर्माण के लिए को कोई सामान दिया गया था।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत के कहने पर कर्ज लेकर घर में शौचालय बनाया था। जिससे गांव ओडीएफ हो जाये। शौचालय बनाते तक ग्राम पंचायत के द्वारा आश्वासन दिया गया कि ओडीएफ होने के बाद सभी हितग्राहियों के खाते में प्रोत्साहन राशि 12 हजार रुपए डाल दिया जायेगा, लेकिन विगत दो साल भर बीतने के बाद भी ग्रामीणों को पूरी राशी नहीं मिल पायी हैं।