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16 साल की नाबालिग की 45 साल के शख्स से शादी, अब पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

राजस्थान। जोधपुर में एक 16 साल की नाबालिग का 45 साल के उम्रदराज व्यक्ति से शादी कराने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह रिश्ता नाबालिग की बड़ी बहन से तय हुआ था, लेकिन उसने दूल्हे की उम्र को देखकर शादी से मना कर दिया था। लड़की के परिजनों ने शादी के लिए 5 लाख रुपए भी लिए। मामला सामने आने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्ची को डिटेन किया। मामला जोधपुर के लोहावट (जोधपुर) थाना क्षेत्र का है।

बताया जा रहा है कि घरवालों ने बड़ी बेटी से रिश्ता तय किया था। लेकिन, जैसे ही उसने लड़के को देखा वो घर से भाग गई। इस पर घरवालों ने छोटी बेटी की शादी करवा दी। इस मामले को लेकर ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि देर रात टीम को नाबालिग के यहां भेजा गया था लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इस पर शनिवार सुबह 6 बजे दोबारा लोहावट टीम को भेजा। जहां पिता को पकड़ थाने ले आई। वहीं देर रात दो बजे पुलिस बीकानेर के केलनसर गांव दूल्हे के यहां पहुंचीं। यहां से बच्ची को डिटेन किया गया।




शिकायतकर्ता नाबालिग की बड़ी बहन ने बताया कि उसकी मौसी गंगा जो कि उसके घर के पास ही लोहावट थाना क्षेत्र के ही एक गांव में रहती है। उसने उसकी शादी 45 वर्षीय युवक के साथ तय कर दी। शादी के लिए लड़का जब घर आया और उसके उम्र का पता चलने पर वह वहां से भाग आई। लेकिन, उसकी छोटी बहन जो कि 16 वर्ष की है, उसकी शादी उसके साथ कर दी। दूल्हा किशन सिंह बीकानेर के जांगलू गांव के पांचू थाना के अगूणा वास का रहने वाला है। लड़की के पिता लोहावट थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। नाबालिग की बड़ी बहन का कहना है कि उसकी मौसी और मौसा ने 5 लाख रुपए शादी के लिए लिए थे। उसका भी बाल विवाह हुआ था लेकिन पति की मौत के बाद मौसा-मौसी उसे अपने साथ ले आए और किशन सिंह से रिश्ता तय कर दिया था।

नाबालिग की बड़ी बहन ने बताया कि जब पहली बार लड़का दिखाया तो फोटो देखने के बाद उसने मना कर दिया।। इसके बाद भी उसका रिश्ता तय किया। जब वह घर से भाग गई तो छोटी बहन को जबरदस्ती अगवा कर लिया और उसकी 45 साल की उम्र के व्यक्ति से शादी करवा दी। उसने बताया कि वह 10वीं तक पढ़ी है और उसे लगा कि उसके साथ गलत हो रहा है तो वह भाग गई। इधर, जब उसे बहन की शादी के बारे में पता चला तो सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की। उसका कहना है कि थाने में लिखित शिकायत देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।


नाबालिग के चचेरे भाई ने फोन पर बाल आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल को इसके बारे में जानकारी दी। बाल आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने बताया कि टेलीफोन पर सूचना मिलने ही तुरंत कलेक्टर हिमांशु गुप्ता को फोन कर सूचना दी व उचित कार्रवाई करने को कहा था। उन्होंने बताया कि बच्ची को संरक्षण में लिया गया है और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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