आखिर क्या है होता है सांस्कृतिक कार्यक्रम ? इसे लेकर इनता बव... - CG Sandesh

आखिर क्या है होता है सांस्कृतिक कार्यक्रम ? इसे लेकर इनता बवाल क्यों ?

14 अगस्त 2018 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन के निधन के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने राजकीय शोक की घोषणा की थी. जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करने को कहा गया था. मगर राष्ट्रीय धुन, परेड द्वारा सलामी, परेड निरीक्षण, मार्चपास्ट और मुख्यमंत्री राज्य की जनता के नाम संदेश पढ़ने की ही बात कही गई थी.

आपको बता दे कि केवल सरकारी स्तर पर ही कोई मनोरंजन अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे ऐसा आदेश दिया गया था. सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निजी संस्थानों के अपने अपने विचार हो सकते है इसके लिए कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए थे.

जिसके बाद एक शिक्षण संस्थान में हो रहे कार्यक्रम का लोगों ने विरोध किया और कहा की राजकीय शोक में शिक्षण संस्थान में ऐसे कार्यक्रम उचित नहीं है. ऐसे कार्यक्रम करने से निजी शिक्षण संस्थान को खुद सोचना चाहिए.

जिसके बाद 14 को CGSANDESH.COM पर यह खबर लगाई गई थी कि राजकीय शोक पर एक निजी स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम कितना सही ?. खबर के लगने के 3 दिन बाद स्कूल प्रबंधन ने इस ख़बर पर आपत्ति जताई और कहा कि 14 अगस्त को स्कूल में किसी भी प्रकार का कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया है और 14 अगस्त को लिखी गयी ख़बर का खंडन भी किया.

जब स्कूल के संचालक से पूछा गया कि आपकी दृष्टिकोण से सांस्कृतिक कार्यक्रम की परिभाषा क्या है तो उनका जबाब था

“सांस्कृतिक कार्यक्रम मे सभी प्रकार की प्रस्तुती होती है नृत्य, प्रसंग, भाषण, देशभक्ति गीत और कई प्रकार के प्रतियोगिता होती है जिसमे बच्चों को सम्मान किया जाता है.

हमारे आयोजन मे सिर्फ देशभक्ति गीत व शहीदो को और राज्यपाल जी को श्रद्धांजलि देकर कार्यकम सम्पन्न किया गया”

जिसके बाद cgsandesh.com पर यह ख़बर लगाई गई कि संस्कार स्कूल के प्रबंधन ने कहा राजकीय शोक में नहीं किया गया कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम.

यह खबर लगने के बाद एक whatsapp ग्रुप में स्कूल के संचालक ने कहा कि “सुखदेव जी आपने जो खबर लगाया था वही सही था और वही हुआ था स्कूल में और cgsandesh ने भी अब सही न्यूज़ लिखी” जिस पर सुखदेव जी का कहना था कि “समाचार को पूरी तरह वेरीफाई करके ही उसको डिस्प्ले करना चाहिए कुछ देर से ही सही...”

स्कूल के संचालक के कहे अनुसार cgsandesh ने भी अब सही न्यूज़ लिखी. इसे लेकर cgsandesh.com यह कहना चाहता है कि,हमने अपने किसी भी समाचार का खंडन नही किया है , हम अपने समाचार पर आज भी कायम है , पत्रकारिता की जिम्मेदारी है समाचार प्रकाशन की , कार्यवाही का काम प्रशासन का है . लोगों ने इस कार्यक्रम को सांस्कृतिक कार्यक्रम कहकर विरोध किया था, cgsandesh.com ने जन भावना को प्रकाशित किया था. आपने इसे सांस्कृतिक कार्यक्रम मानने से इनकार किया और एक नई परिभाषा दी. उसे भी cgsandesh ने प्रकाशित किया . हमने आपका पक्ष रखा ना कि अपने समाचार का खण्डन किया.

अब सवाल ये उठता है कि आखिर क्या है होता है सांस्कृतिक कार्यक्रम ? इसे लेकर इनता बवाल क्यों ? 


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