बीईओ कार्यालय में नहीं दिख रहा कोई सुधार कार्य - CG Sandesh

बीईओ कार्यालय में नहीं दिख रहा कोई सुधार कार्य

बरतियाभांठा। लंबे अर्से से विभिन्न अनियमितताओं के चलते सुर्खियों में रहने के बावजूद भी बसना बीईओ कार्यालय में कुछ सुधार होता नहीं दिख रहा है। पूर्व में पदस्थ बीईओ पर मध्यान्न भोजन मामले में कार्रवाई की गाज गिरने के बाद वर्तमान में प्रभारी बीईओ भी पुराने ढर्रे पर ही चलना चाह रहे हैं। मौजूदा मामले में उनके रवैये से तो फिलहाल यही लग रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला बरतियाभांठा में पदस्थ सहायक शिक्षिका (एलबी) श्रीमती सुनीता भट्ट द्वारा बसना बीईओ कार्यालय में लिखित आवेदन देकर बताया था कि उनके निवास परसकोल (बरोली) से पदस्थापना बरतियाभांठा शाला की दूरी लगभग 30 किमी है। उनके पति रोहित भट्ट सहायक शिक्षक (एलबी) के रूप में गिधापाली (भूगोल) में पदस्थ हैं। उनका एक छः माह का छोटा बच्चा भी है, मजबूरन छोटे बच्चे के साथ आने जाने में रोजाना 60 किमी का सफर करना पड़ रहा है जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने आवेदन में बताया था कि शासकीय प्राथमिक शाला बरतियाभांठा में 46 बच्चों के लिए कला समूह के 3 शिक्षक पदस्थ हैं इसलिए निवास ग्राम परसकोल से 5 किमी के दायरे में महिला होने के कारण अतिशेष मानकर व्यवस्था के तहत पदस्थ करने का निवेदन किया गया था। इस पर बसना के प्रभारी बीईओ द्वारा कहा गया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर की बात है लिहाज़ा वे जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद के पास आवेदन दे सकते हैं। बसना के प्रभारी बीईओ के सुझाव पर श्रीमती सुनीता भट्ट ने डीईओ महासमुंद में 20 अगस्त को उक्त आवेदन दिया। जिसके बाद डीईओ महासमुंद ने उसी दिन श्रीमती भट्ट के आवेदन पर ही मार्क कर बसना बीईओ को लिखा कि बीईओ बसना आवेदन का परीक्षण कर अध्यापन व्यवस्था में करें तथा महिला को प्राथमिकता देंवे।

इसके बाद जब श्रीमती भट्ट बीईओ कार्यालय बसना पंहुचे और डीईओ महासमुंद द्वारा मार्क किए गए आवेदन को दिया तब प्रभारी बीईओ द्वारा उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इधर 23 अगस्त को बसना बीईओ कार्यालय द्वारा ज्ञापन क्रं/ 857/ अध्यापन व्यवस्था जारी कर सहायक शिक्षक एलबी, शिक्षक पंचायत, शिपं ननि. सहित विभिन्न संवर्ग के 47 शिक्षक शिक्षिकाओं को व्यवस्था के तहत स्थानांतरित करने संबंधी आदेश निकाल दिया गया। विडंबना है कि इस आदेश में सहायक शिक्षक एलबी श्रीमती सुनीता भट्ट की जगह सशिपं गौरीशंकर साव को शासकीय प्राथमिक शाला बरतियाभांठा से शासकीय प्राथमिक शाला बिटांगीपाली व्यवस्था के तहत भेज दिया गया। इस आदेश से बसना बीईओ के मन में अपने उच्च अधिकारियों और महिला कर्मचारियों को लेकर कितनी संवेदनशीलता और अधिकारियों के आदेश पालन को लेकर कितने गंभीर हैं यह आसानी से समझा जा सकता है। ऐसे में क्या इस व्यवस्था के तहत किए जाने वाले स्थानांतरण के खेल में जमकर लेनदेन हुआ है यह सवाल उठना लाजिमी है।

वहीं बीईओ और डीईओ से गुहार लगाने के बाद भी राहत नहीं मिलने पर बसना बीईओ द्वारा आदेश निकालने के बाद अपने द्वारा दिए गए आवेदन में कार्रवाई नहीं करने का कारण जानने श्रीमती सुनीता भट्ट बीईओ कार्यालय बसना पंहुची लेकिन वहां अधिकारी महासमुंद गए हैं ऐसा बताया गया। तब मजबूरन उन्होंने पुनः डीईओ कार्यालय जाकर कारण जानने का प्रयास किया था।

शिक्षा विभाग में महिला कर्मचारियों को ऐसे परेशान करना अब विभागीय अधिकारियों की आदत बन चुकी है ऐसा लग रहा है। कहना गलत न होगा कि यहां सिर्फ चेहरे बदलते हैं अधिकारियों का रवैया नहीं बदलता। अधिकारियों से परेशानी का आलम तो यहां तक है कि कर्मचारी भले खुलकर सामने नहीं आते मगर जगह जगह यह चर्चा जरुर सुनने को मिलती रहती है कि बसना बीईओ कर्मचारियों को धमकाकर भी कई उल्टी सीधी आदेशों का पालन करवाते हैं। माना जा रहा है कि बसना में तीन तीन एबीईओ की पदस्थापना के बाद से जिस तरह शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए था वैसा नहीं हो पा रहा है। इसका एक प्रमुख कारण तीनों एबीईओ द्वारा एक साथ एक ही स्कुल में निरीक्षण के लिए पंहुचने को भी बताया जा रहा है।






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