फरार बीईओ की महीने भर बाद भी नहीं हो पाई गिरफ्तारी
बसना बीईओ के खिलाफ योगराम लहरे के खिलाफ सेल्फ चेक के माध्यम से मध्याह्न भोजन की राशि निकालने के मामले में महीने भर के बाद भी गिरफ़्तारी नहीं हो पाई है. आरटीआई कार्यकर्ता विनोद दास ने इस मामले का उजागर किया था. जिसमे 19 अगस्त 2014 से दिनांक 16 मार्च 2018 तक 12 लाख रूपये से अधिक का दुर्नवियोग करने की बात सामने आई थी.
जबकि इस मामले के उजागर होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने बसना पुलिस में बीईओ योगराम लहरे के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कराया था. अपराध के पंजीबद्ध होते ही बीईओ योगराम लहरे कहीं फरार है और तब से अब पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. जबकि शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने भी जांच के आदेश दिए थे.
आपको बता दें कि 30 जुलाई 2018 को बसना थाना में बीईओ योगराम लहरे के खिलाफ भादवि की धारा 409 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था. जिस पर शिकायतकर्ता विनोद कुमार दास ने कहा था कि लंबे समय से पैसों की बंदरबांट जारी थी. शिकायत के बाद आखिरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई. लेकिन अब आरोपी की गिरफ्तारी में ढील बरते जाने पर उन्होंने ने रोष व्यक्त किया.