पेट्रोल डीजल की बढती कीमतों को लेकर कांग्रेस का भारत बंद कल
कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पेट्रोल-डीजल और
रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ 10 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने की कमान
संभाल ली है. विपक्ष की कुल 18 छोटी-बड़ी पार्टियों को इसका समर्थन मिला है. जबकि
तृणमूल कांग्रेस ने भारत बंद को अपना समर्थन देने से इनकार कर दिया है लेकिन वह
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी का विरोध करेंगी.
पार्टी की तरफ से भी राज्य के सभी प्रभारियों को मौजूद रहने को कहा गया है. ताकि
जिला इकाइयों और बूथ लेवल तक इसका विरोध दर्ज कराया जा सके. पार्टी कार्यकर्ताओं
को सभी पेट्रोल पंप भी सांकेतिक धरना देने को कहा गया है ताकि वहां पहुंचने वाले
उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल में बढ़ी हुई कीमतों का अहसास कराया जा सके.
जबकि राहुल गाँधी इस विरोध में कहीं भी दिखाई देते नजर नहीं आ पायेंगे. क्योंकि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अभी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर है और अगले हफ्ते 12-13 सितंबर को उनके लौटने की उम्मीद है.
आने वाले समय में तीन राज्यों में एक साथ विधानसभा चुनाव होने वाले है तीनो ही राज्यों में फिलहाल भाजपा की सरकार है पार्टी अपना दमखम दिखाने पुरे जोर के साथ बंद को सफल बनाने का प्रयास करगी. यदि यह बंद सफ़लता पूर्वक शांति के करा लिया जाता है तो यह पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी.