भरी बारिश के बीच अवैध शराब सहित अन्य कई मुद्दों को लेकर बसना तहसील पहुंची महिलाएं.
कल अवैध शराब सहित अपनी
अन्य कई मांगों को लेकर कई गाँव की सैंकड़ों महिलाओं ने शहीद वीर नारायण सिंह चौक बसना
में धरना प्रदर्शन कर पैदल रैली निकली और बसना तहसील कार्यालय में अनुभागीय
अधिकारी राजस्व सरायपाली को ज्ञापन सौंपा.
यह रैली और धरना प्रदर्शन भरी बरसात के बीच निकली गई, भारी बारिश के बावजूद महिलाओं के अवैध शराब को बंद कराने
के खिलाफ इनके हौसले में कोई कमी नहीं आई. बेहद ही शांतिपूर्ण तरीके से इन्होने
धरना प्रदर्शन किया और रैली निकाली.
ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाओं की मांग अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लागने की है उनका कहना है कि बसना सहित अन्य कई जगह जहाँ अवैध शराब का गोरखधंधा चलाया जा रहा है.
महिलाओं की मांग है कि बसना
थाना में नगर निरीक्षक की नियुक्ति हो, जो अभी प्रभारी
के भरोसे चल रही है. बसना में आये दिन चोरी, हत्या, मारपीट और छेड़छाड़ के मामले सामने आ रहें है पुलिस इसे
सम्हालने में नाकाम है.
महिलाओं ने बसना से गढ़पटनी मार्ग में चखना सेंटर को बंद कराने मांग की है. चखना सेंटर के कारण यहाँ पर शराबियों का जमावड़ा रहता है जिसके चलते महिलायें अपने आप को असुरक्षित महसूस करती है और उन्होंने अपने आने जाने का मार्ग भी बदल दिया. अब वे बहोत ही दुर्गम मार्ग बंसुला होते हुए बसना पहुँचते है. इस मार्ग पर स्कूली बच्चों का भी आना-जाना लगा रहता है. साथ ही सूरज के ढलते ही इस मार्ग पर एक पुलिसकर्मी के तैनाती की मांग की गई है.
महिलाओं ने गढ़फुलझर में स्थित शासकीय शराब दुकान को हटाने की मांग की है महिलाओं ने बताया है कि यह दुकान नियम को ताक में रखते हुए मुख्य सड़क पर वहां चलाया जा रहा है. जिससे आने-जाने वाले महिलायें को परेशानी होती है साथ ही आये दिन मारपीट जैसी घटनाएँ सामने आती है.
पिरदा के महाविद्यालय में मार्ग में स्थित शराब दुकान को भी वहां से हटाने की मांग की गई है. इस मार्ग में ना केवल महाविद्यालय बल्कि विद्यालय भी है जहाँ छात्राएं की संख्या अधिक है. यहाँ के ग्रामीणों का भी कहना है कि आये दिन शराबी अपनी धुन में इधर उधर मंडराते रहते है जिससे छात्र-छात्राओं के मन में भय बना रहता है.