मुख्य सचिव को बीईओ के निलंबन हेतु कलेक्टर का पत्र और दस्तावेज सौंपा.
बसना- महासमुन्द कलेक्टर ने बसना विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी योगराम लहरे के विरूद्व एफआइआर दर्ज होने से उन्हे निलंबित करने के लिए संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र लिखा है। लेकिन अभी तक बीईओ निलंबित नही होने से आरटीआई कार्यकर्ता विनोद दास ने मुख्य सचिव छ.ग. शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को समस्त दस्तावेज देकर बीईओ के निलंबन की मांग किया।
बता दे कि बसना बीईओ ने कार्यालय में मध्यान्ह भोजन राशि के खाते से लगभग 12 लाख से अधिक राशि नियम विरूद्व तरीके से आहरण किया है। जिसकी साक्ष्य सहित शिकायत कलेक्टर महासमुन्द और मंत्रालय स्तर में सचिवों से की गई थी। जिसमें अनुविभागीय अधिकारी(रा) सरायपाली एवं शिक्षा विभाग से नायर ने अलग अलग जांच किया। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि योगराम लहरे विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बसना के द्वारा दिनांक 19/08/2014 से दिनांक 16/03/2018 तक 12 लाख से अधिक राशि का दुर्नवियोग कर अनियमित व्यय किया गया है, इसलिए इसके विरूद्व अपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। डीईओ महासमुन्द के आदेश से बसना थाना में धारा 409 में योगराम लहरे के विरूद्व अपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
कलेक्टर महासमुन्द ने पत्र क्रमांक 3034/टी.एल./शिकायत/2018 महासमुन्द दिनांक 04/08/2018 को बसना बीईओ योगराम लहरे को निलंबित करने का पत्र लेख कर संचालक लोक शिक्षण संचालनालय भेजा है। इस दौरान बीईओ लहरे एफआइआर दर्ज होते ही फरार थे, वर्तमान में वे फिलहाल कोर्ट से अग्रिम जमानत लेकर आए है।
उल्लेखनीय है कि योगराम लहरे के द्वारा पूर्व में भी अपने पदीय अधिकार का दुरूपयोग किया गया है। जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ के आदेश क्रमांक/299/गोप/जांच दिनांक 28/07/2000 को उन्हे निलंबित किया जा चुका है। एस.प्रकाश संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने कहा कि उक्त प्रकरण एवं दस्तावेज मिल गया है। शासन से मार्गदर्शन प्राप्त कर जल्द ही बीईओ को निलंबित करने की कार्यवाही किया जाएगा।