यहाँ 24 गांवों में लगाया गया नाइट कर्फ्यू, स्कूल और आंगनबाड़... - CG Sandesh

यहाँ 24 गांवों में लगाया गया नाइट कर्फ्यू, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद, पढ़े पूरी खबर…

पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में बाघ के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. पिछले पांच दिनों में बाघ ने दो लोगों को मार डाला है. इसके बाद पौड़ी जिले के रिखणीखाल और धूमाकोट विकासखंड के 24 गांवों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है. वहीं, जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के आदेश दिए हैं. हमलावर बाघ को पकड़ने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है. प्रभावित इलाकों में कैमरे और पिंजरे लगाए जा रहे हैं. वहीं, बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए भी टीम तैयार है।

रिखणीखाल और धूमाकोट विकासखंड के 24 गांवों में शाम 7 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहेगा. दोनों तहसीलों के एसडीएम ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी थी. इसके बाद कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया. मिली जानकारी के अनुसार, बाघों का एक झुंड रिखणीखाल के कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे गांवों में घूमते हुए देखा गया है. उन्हीं में से किसी बाघ ने 13 अप्रैल को पहला हमला करते हुए एक बुजुर्ग को मार डाला था. वहीं, 15 अप्रैल की शाम को बाघ ने एक और बुजुर्ग को अपना निवाला बनाया।

 


ग्राम पंचायत मेलधार के प्रधान खुशेंद्र सिंह ने बताया कि बाघ के हमले में बुजुर्गों की मौत के बाद आसपास के गांवों में दहशत बनी हुई है. उन्होंने बताया कि शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं. हालांकि वन विभाग के कर्मी बंदूकों के साथ लगातार गश्त कर रहे हैं. जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित गांव के रास्तों में रोशनी की व्यवस्था करने के लिए 10 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं.


पौड़ी के जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने कहा कि घटनाओं में बाद हमने एक टास्क फोर्स का गठन किया है. इसमें डीएफओ, एसडीएम और भी अफसरों को शामिल किया है. हम लगातार मॉनिटर कर रहे हैं. रात के समय कर्फ्यू लगाया गया है. सोलर लाइट लगवाई जा रही हैं. स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करवाया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि फॉरेस्ट की टीम कैमरे और पिंजरे बढ़ा रही है. ट्रेंकुलाइज करने वाली टीम पूरी तरह मुस्तैद है. वहीं, ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है.




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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