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Kedar Kashyap ने सरकार पर बोला हमला, कहा- गलत आंकड़े बताकर युवाओं को किया गुमराह..

Kedar Kashyap :पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने भाजयुमो के रोजगार कार्यालयों का घेराव को लेकर कहा कि सरकार ने अलग आंकड़े बताकर युवाओं को गुमराह किया है. लाखों लोगों को रोजगार नहीं देने और छलने का काम किया है. इसके विरोध में रोजगार कार्यालयों की तालाबंदी की जाएगी, जिसमें रायपुर के बड़े नेता शामिल होंगे.मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ में भी ‘द केरला स्टोरी’ को टैक्स फ्री करने की सरकार से मांग करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि सभी लोगों को ‘द केरला स्टोरी’ देखनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासियों का अहित कर रही है. तेंदूपत्ता सहायक केंद्रों में चौपाल लगाया जाएगा. उन सभी क्षेत्रों में फॉर्म भरवाया जा रहा है. जिला स्तर पर डीएफओ कार्यालय का भी घेराव किया जाएगा.

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के परिवार को मिली धमकी पर पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के पूरे पिद्दे निपट चुके हैं. अब एक और हार सुनिश्चित हो रही है. अब कांग्रेसी घबराए हुए है, और अनर्गल बयान दे रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष को मारने की साजिश, बुरा बर्ताव और घर से निकलने का काम कांग्रेस पार्टी करती है. ऐसी स्थिति छत्तीसगढ़ में भी है

भाजपा के तेंदूपत्ता आंदोलन करने पर कहा कि 13 से 15 लाख संग्राहक को सुविधाएं दी जाती थी. जूते, साड़ियां, बच्चों के अध्ययन के लिए प्रोत्साहन राशि, बीमा राशि और बोनस दिया जाता था, लेकिन यह सब अब बंद हो चुका है. सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के साथ धोखा किया है. पहले लगभग 17 लाख तेंदूपत्ता खरीदी करते थे. सरकार अब केवल 10 से 11 लाख मानक बोरा की तेंदूपत्ता खरीदी की है.

पीसीसी चीफ मोहन मरकाम को लेकर कहा केदार कश्यप ने कहा कि जब कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ था, तब उनकी फोटो गायब कर दी गई थी. अगली बार आपको भी गायब कर दिया जाएगा. यह कांग्रेस की रणनीति है. कांग्रेस किसी भी नेता को उभरने नहीं देती है…

 


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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