Sports Update: रोहित न हों तो कोहली को मिलनी चाहिये कप्तानी ... - CG Sandesh

Sports Update: रोहित न हों तो कोहली को मिलनी चाहिये कप्तानी -Shastri

दिल्ली। भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री का कहना है कि रोहित शर्मा अगर चोट या किसी अन्य कारण से अनुपलब्ध होते हैं तो विराट कोहली को भारतीय टीम की कमान संभालनी चाहिये।

उल्लेखनीय है कि 2021 में भारत के इंग्लैंड दौरे पर टीम की कप्तानी कोहली के हाथ में थी, लेकिन भारत को पांच मैचों की टेस्ट »ृंखला के चार मैच होने के बाद 2-1 की बढèत लेकर स्वदेश लौटना पड़ा। जब 2022 में सीरीज का पांचवां मैच खेला गया तब भारत के कप्तान रोहित थे लेकिन उनके चोटिल होने के कारण जसप्रीत बुमराह ने एक मैच के लिये टीम की कप्तानी की थी।

शास्त्री के अनुसार, उस एक मैच के लिये कोहली को भारत का कप्तान नियुक्त किया जाना चाहिये था। शास्त्री ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो के एक कार्यक्रम पर कहा, जब रोहित चोटिल थे तो मुझे यही लगा कि कोहली कप्तानी करेंगे। अगर मैं कोच होता तो कोहली को कप्तान बनाता। मुझे यकीन है कि राहुल भी यही करते, मेरी अभी तक उनसे बात नहीं हुई है।


मैं बोर्ड को सलाह देता कि कोहली को कप्तानी देनी चाहिये क्योंकि जब भारत ने 2-1 की बढèत ली तब भी वही कप्तान थे।कोहली वर्तमान में आईपीएल 2०23 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) का नेतृत्व कर रहे हैं जबकि आरसीबी के पूर्णकालिक कप्तान फाफ डु प्लेसिस एक पसली की चोट से जूझ रहे हैं। आईपीएल के समापन के बाद भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला करना है।

शास्त्री चाहते हैं कि रोहित डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिये फिट रहें, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता तो वह कोहली को कप्तान का कोट पहने देखना चाहते हैं।
शास्त्री ने कहा, इस तरह के एक बड़े मैच के लिये मैं रोहित को फिट देखना चाहता हूं। वह कप्तान हैं। लेकिन भगवान ना करे कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियां आती हैं तो निश्चित रूप से मैं कोहली की तरफ देखूंगा। शास्त्री ने यह भी कहा कि कोहली आईपीएल 2023 में बहुत शांत दिख रहे हैं।

शास्त्री ने कहा, वह बहुत अच्छी स्थिति में है, अपने क्रिकेट का आनंद ले रहा है। पिछले साल जब हम उनके ब्रेक लेने की चर्चा कर रहे थे, यह स्थिति उसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा, अब वह बिल्कुल तरोताज़ा है। उसका उत्साह, ऊर्जा और आनंद वापस आ गया है, जो मेरे लिये सबसे अच्छी बात है। रन बनें या न बनें लेकिन जब आपका जुनून, आनंद और ड्राइव फिर से वापस आ जाता है, तो वह अच्छा संकेत है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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