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वन विभाग ने किया ग्रामीणों को अलर्ट...तेंदुए ने मवेशियों को बनाया अपना शिकार...एक की मौत

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में इन दिनों तेंदुए का आतंक बढ़ रहा है। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। दरअसल, गांव में तेंदुआ मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है। तेंदुए ने लगातार दो दिनों में दो मवेशियों का शिकार किया है। एक मवेशी की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया।

बताया जा रहा है कि, जिले के अलग-अलग स्थानों में तेंदुआ लगातार देखा जा रहा है। पहले गरियाबंद शहर से लगे सर्किट हाउस के पास तेंदुआ देखा गया, जिसे ट्रैक करने वन विभाग ने ट्रैप कैमरा लगाया है तो तेंदुआ पाण्डुका थाना परिसर में देखा गया है।

पाण्डुका थाना के पास ग्रामीण उस वक्त से दहशत में है, जब एक तेंदुआ गांव के करीब पहुंच गया और एक कुत्ते का शिकार करते ग्रामीणों ने देखा। तेंदुआ एक घर की ओर भी जाते दिखा, जहां मौजूद लोग डर गए।


एक मवेशी को दौड़ाते भी देखा गया है। इसके साथ ही रविवार सुबह पांडुका क्षेत्र के ही ग्राम मुरमुरा में लोगों ने देखा कि गांव के करीब तीन चार मवेशियों का शिकार करने की कोशिश तेंदुए ने किया है। वहीं एक मवेशी की तेंदुए के हमले से मौत हो गई है। इस घटना के बाद से ही ग्राम मुरमुरा के लोगों में डर बना हुआ है।

ग्रामीणों को किया गया अलर्ट


गरियाबंद में वन विभाग की टीम तेंदुए पर नजर बनाकर रखी थी की अब मुरमुरा से उन्हें सूचना मिली कि जहां एक तेंदुए ने मवेशियों को अपना शिकार बनाया है। इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मुरमुरा के इलाके में पहुंचकर तमाम ग्रामीणों को अलर्ट रहने को कहा है।

वहीं जंगल जाने वाले ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। मुरमुरा और पांडुका क्षेत्र घने जंगल से घिरा हुआ है। आसपास पहाड़िया है जहां अक्सर तेंदुए की आमद रहती है। जिस तरह पांडुका थाना क्षेत्र में तेंदुआ देखा गया और मुरमुरा में मवेशियों का शिकार हो रहा है। इससे यही लग रहा है कि तेंदुआ जंगल से निकलकर शिकार के लिए रिहायसी इलाकों में आ रहा है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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