मचा हड़कंप : सरकारी अस्पताल में 17 मरीजों की मौत - CG Sandesh

मचा हड़कंप : सरकारी अस्पताल में 17 मरीजों की मौत

मुंबई। मुंबई के ठाणे स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में एक ही रात में 17 मरीजों की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इससे पहले इसी अस्पताल में 10 अगस्त को 5 मरीजों की मौत हो गई थी। इसके बाद इसको लेकर जमकर हंगामा भी हुआ था। अब 17 मरीजों की मौत को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा सकती है, क्योंकि एक सप्ताह के दौरान कथित तौर पर 22 मरीजों की जान जा चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार, ठाणे महागरपालिका के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में एक ही रात में 17 मरिजों की मौत से परिजन सकते में हैं और अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जान गंवानों वालों में 12 मरीज़ आईसीयू में भर्ती थे, जबकि 2 मरीज़ जनरल वॉर्ड भर्ती थे। इसके अलावा, कैजुअल्टी में 2 भर्ती और पीडिट्रिक में 1 मरीज़ भर्ती था।


10 अगस्त को 5 मरीजों की हुई थी मौत
यह भी जानकारी मिली है कि इन सभी 17 मरीजों की मौत शनिवार की रात 10 बजकर 30 मिनट से लेकर रविवार सुबह 8 बजकर 30 बजे के बीच हुई। इससे पहले इसी अस्पताल में 10 अगस्त की रात को 5 मरीजों की मौत हो गई थी। कहा जा रहा है कि अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी है, जिसके चलते इलाज के अभाव में इन सभी की जान गई। मरने वालों में 80 साल का एक मरीज़ भी शामिल है।
10 अगस्त को महाराष्ट्र के ठाणे में नगर निकाय के तहत आने वाले इस अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। इस दौरान उन्होंने 5 लोगों की मौत होने का आरोप लगाया। वहीं, संभावित बवाल के मद्देनजर अस्पताल में भारी संख्या पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल के अधिकारियों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि 5 नहीं, बल्कि 1 ही मरीज की जान गई है। उधर, इन पांच मौतों के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और विधायक जितेंद्र आव्हाड ने भी अस्पताल का दौरा किया था और समुचित इलाज का आश्वासन दिया था।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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