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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज बिलासपुर में, रतनपुर महामाया मंदिर में करेंगी पूजा -अर्चना

बिलासपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह 10 बजे बिलासपुर पहुंचेंगी और एक बजे रवाना हो जाएंगी। इस दौरान कोनी-रतनपुर रास्ता करीब चार घंटे के लिए बंद रहेगा। सकरी और पेंड्रीडीह बाइपास से गाड़ियां डायवर्ट की जाएंगी। राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के लिए 1200 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।

पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति सुबह 10 बजे ओपन यूनिवर्सिटी स्थित हेलीपैड पहुुंचेंगी। उनकी बेटी सहित 35 लोग उनके साथ आएंगे। राष्ट्रपति के सुरक्षा कर्मी भी रहेंगे। एसपी संतोष कुमार सिंह के अनुसार रतनपुर में उनका कुल 35 मिनट का कार्यक्रम है।गुरु घासीदास विश्‍वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी. बिलासपुर से लौटने के बाद वह राजभवन में जनजातीय समूहों के साथ चर्चा करेंगी। प्रेसिडेंट्स बॉडी गार्ड्स करेंगे सुरक्षा: राष्ट्रपति भारत की तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर होते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा भी खास रहती है। राष्ट्रपति मुर्मू की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट प्रेसीडेंट्स बॉडी गार्ड्स को सौंपी गई है। इस दस्ते में मौजूद कई अधिकारी और जवान भारतीय सेना की पैराशूट रेजीमेंट की स्पेशल फोर्स यूनिट से आते हैं।




सीएम भूपेश बोले- ऐसा लग रहा है कोई अपने घर का आया
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विवि के कार्यक्रम में कहा कि ऐसा लगा जैसे कोई अपना, अपने ही घर आया है। राष्ट्रपति का आगमन छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए बहुत गौरवका क्षण है। उनकी इस यात्रा के लिए मैं छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ नागरिकों की ओर से आपको बहुत धन्यवाद देता हूं। आज राष्ट्रपति, पूरे देश की मुखिया के आगमन से हम छत्तीसगढ़ के लोग विशेष आत्मीयता का अनुभव कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे कोई अपना, अपने ही घर आया है। यह प्रदेश एक आदिवासी प्रदेश है, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग भी बहुत बड़ी संख्या में यहां निवास करते हैं। यह प्रदेश किसानों का प्रदेश है, यह वंचितों का प्रदेश है। सभी वंचितों को न्याय मिले, यह संविधान की भावना है।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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