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सावधान ! विटामिन बी12 की कमी से शरीर को होता है नुकसान, हाथ-पैर में दिखें ये संकेत तो समझ जाएं

किसी भी विटामिन की कमी हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इनमें से एक है विटमिन बी12, इसकी कमी शरीर में कई तरह की समस्याओं का कारण बन जाती है। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते है जिसके कारण सेहत को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। विटामिन बी12 एक आवश्यक पोषक तत्व है जो नॉनवेज, पनीर और अंडे जैसे एनीमल प्रोडक्ट्स में अधिक मात्रा में पाया जाता है।

लाल रक्त कोशिकाओं के बिना शरीर ऑक्सीजन भी शरीर के अंगों तक नहीं ले जा सकता और विटामिन बी इन्हीं लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है। विटामिन बी12 की कमी का आमतौर पर आसानी से इलाज किया जाता है लेकिन जब तक आप लक्षणों को पहचान नहीं लेते, तब तक वह आपके डेली रूटीन को मुश्किल बना सकता है। विटामिन बी की कमी के गंभीर मामलों में हार्ट फेल, डायबिटीज, गठिया और कैंसर का जोखिम हो सकता है

हाथ और पैरों में झुनझुनी या सुन्नता भी विटामिन बी की कमी का संकेत है। विटामिन बी12 की कमी विभिन्न तरीकों से सामने आ सकती है। सबसे आम लक्षणों में थकान, सुस्ती, सिरदर्द, बेहोशी महसूस होना या सांस लेने में मुश्किल होना है।

 


विटामिन बी12 की कमी के लक्षण

तेजी से सांस लेना या सांस लेने में तकलीफ होना
सिर दर्द
अपच
भूख में कमी
धड़कन
आंखों की समस्याएं
कमजोरी या थकान महसूस होना
दस्त
घाव या लाल जीभ, मुंह में छाले
मांसपेशियों में कमजोरी
डिमेंशिया

विटामिन बी 12 आप कमी होने से कैसे रोक सकते हैं?

विटामिन बी 12 की कमी रोकने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आपके शरीर में विटामिन की कमी ना रहे और आप भरपूर मात्रा में बी12 युक्त खाद्य पदार्थ खाएं। शरीर विटामिन बी 12 नहीं बनाता इसलिए इसे खाद्य पदार्थों और सप्लीमेंट से लिया जाता है। यदि आप शाकाहारी या वीगन हैं तो यह मुश्किल हो सकता है क्योंकि बी12 मांस, मछली, पोल्ट्री, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट में पाया जाता है। ऐसे लोगों को विटामिन बी 12 सप्लीमेंट दिया जाता है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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