Nipah Virus Update : तेजी से फ़ैल रहा निपाह वायरस, सामने आया ... - CG Sandesh

Nipah Virus Update : तेजी से फ़ैल रहा निपाह वायरस, सामने आया एक और केस, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग…

केरल : केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस का एक और मामला सामने आया है। कोझिकोड में निपाह वायरस के अब तक पांच मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से दो लोगों की घातक वायरस की वजह से मौत हो चुकी है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि कोझिकोड में एक और व्यक्ति निपाह वायरस से संक्रमित पाया गया है। उन्होंने बताया कि 13 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उनमें बुखार जैसे लक्षण विकसित होने के बाद आज मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। तीन लोगों को आवास पर ही आइसोलेशन में रखा गया है। चार लोगों में घातक निपाहवायरस पाए जाने के बाद कोझिकोड और इसके पड़ोसी जिले हाई अलर्ट पर हैं। संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों की जांच का अभियान जारी है। इस प्रकार पहचाने गए व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 789 हो गई है।

उधर, केरल सरकार ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कड़े उपाय किए हैं। संक्रमण की गंभीर प्रकृति को देखते हुए कोझिकोड प्रशासन ने सात ग्राम पंचायतों को निषिद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है। सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक’ पर मंगलवार को जारी एक पोस्ट में कोझिकोड की जिलाधिकारी ए गीता ने कहा कि जिन पंचायतों को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है, उनमें अतानचेरी, मारुथोंकारा, तिरुवल्लूर, कुट्टियाडी, कयाक्कोडी, विल्यापल्ली और कविलुम्परा शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि अगली सूचना तक इन निषिद्ध क्षेत्रों के अंदर-बाहर किसी भी तरह की यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी और पुलिस को इन इलाकों की घेराबंदी करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि निषिद्ध क्षेत्रों में केवल आवश्यक वस्तुओं और चिकित्सा सामग्री की बिक्री करने वाली दुकानों के संचालन की अनुमति होगी।

जिलाधिकारी के अनुसार, इन क्षेत्रों में आवश्यक सामान की बिक्री करने वाली दुकानें सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक खोली जा सकेंगी, जबकि दवा की दुकानों और स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्व-सरकारी संस्थान और ग्राम कार्यालय न्यूनतम कर्मचारियों के साथ कार्य कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों में बैंक, अन्य सरकारी या अर्द्ध-सरकारी संस्थान, शैक्षणिक संस्थान और आंगनवाड़ी संचालित नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए और स्थानीय स्व-सरकारी संस्थानों का रुख करने से बचना चाहिए।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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