टीवी एक्ट्रेस पर टूटा दुखों का पहाड़, इजरायल-हमास की जंग में... - CG Sandesh

टीवी एक्ट्रेस पर टूटा दुखों का पहाड़, इजरायल-हमास की जंग में बहन और जीजा की हुई मौत

टीवी और बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकी मधुरा नायक पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। इजरायली सेना और फिलिस्तीनी संगठन हमास के बीच चल रहे युद्ध में मधुरा ने अपनी बहन और जीजा को खो दिया है।

मधुरा नायक ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपना एक वीडियो शेयर कर बताया है कि इजरायली और हमास के संघर्ष में उनकी बहन और जीजा की मौत हो गई है। मधुरा नायक ने वीडियो में कहा, ‘मैं मधुरा नायक हूं। मैं भारत में जन्मी यहूदी हूं। भारत में हम सिर्फ 3000 हैं। बीती 7 अक्टूबर से पहले मेरे परिवार ने एक बेटी और बेटा को खो दिया है। मेरी बहन ओडाया और उसके पति को मार दिया गया, वो भी उनके दो बच्चों के सामने। जो तकलीफ मेरा परिवार इस समय महसूस कर रहा है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।


मधुरा नायक ने वीडियो में आगे कहा, ‘आज इजरायल दर्द में है। हमास की आग में बच्चे, महिलाएं और बूढ़े जल रहे हैं। इन सभी को टारगेट किया जा रहा है। कल मैंने अपनी बहन, उसके पति और बच्चों की तस्वीर शेयर की थी, ताकि दुनिया हमारा दर्द महसूस कर सके और मैं यह देखकर भी हैरान हूं कि फिलिस्तीन प्रोपेगेंडा कैसा चलाया जा रहा है। मुझे यहूदी होने के चलते शर्मिंदा, ह्यूमिलिएटेड और टारगेट किया गया है। आज मैं अपनी फीलिंग्स फॉलोअर्स, फ्रेंड्स, जो लोग मुझे प्यार करते हैं और जिन लोगों ने मेरा सपोर्ट किया उन्हें जाहिर करना चाहती हूं। मैं बताना चाहती हूं कि यह प्रो फिलिस्तीन प्रोपेगेंडा इजरायल के लोगों को किलर्स ते रूप में दिखा रहा है। यह सही नहीं है। खुद का बचाव करना आतंकवाद नहीं है और मैं बिल्कुल साफ करना चाहती हूं कि मैं किसी भी तरह की हिंसा के समर्थन नहीं हूं।’

मधुरा नायक ने इस प्यार को क्या नाम दूं, तुम्हारी पाखी, प्यार की ये एक कहानी और हमने ली है शपथ जैसे सीरियल्स में काम किया है। इसके अलावा वह फिल्मों और वेब सीरीज में भी नजर आ चुकी हैं।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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