भ्रष्टाचार के खिलाफ बसना जनपद का हुआ घेराव, मिला अनामिका पॉल का समर्थन.
कल बसना जनपद परिसर में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण बैठे नजर आये, लगभग आठ
गाँव से पहुंचे ग्रामीण जिनकी शिकायत थी की पंचायत ना तो उन्हें शौचालय की राशि
देता है ना ही बुजुर्गों को मिलने वाले पेंशन की, कुछ ग्रामीणों ने तो यहाँ तक कहा
कि मनरेगा में मजदुरी करने के बावजूद उन्हें पैसे नहीं दिए जा रहे है.
बसना विधानसभा के कई
पंचायतों से लगातार भ्रष्टाचार की बातें सामने आ रही है बावजूद इसके केवल जाँच की
प्रकिया कहकर ग्रामीणों को भटकाया जा रहा है. इस घेराव को अनामिका पॉल का समर्थन मिला
इससे पहले भी इन्ही गाँव के खिलाफ अनामिका पॉल ने योजनायों के पैसे नहीं मिलने के
कारण उनकी आवाज़ उठाई है जिसके बाद जाँच हुई, जांच में अधिकारी गाँव आये और उन्हें
राशि नहीं मिलने की बात जाँच में पाई, बावजूद इसके उन्हें राशि नहीं दी गई तो कल
ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर जनपद का घेराव किया.
जब भी कोई ग्रामीण सरपंच या
सचिव से शौचालय की राशि मांगता है तो उसे यह कहकर टाल दिया जाता है कि जनपद से
राशि नहीं है, जबकि बसना जनपद आते ही उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि राशि पंचायत
को भेज दी गई है. जबकि इस बात की शिकायत ग्रामीण जनप्रतिनिधि अथवा कलेक्टर तक कर
चुके है.
कुछ ग्रामीण राशि नहीं मिलने का आरोप सीधे तौर पर बसना जनपद के मुख्य कार्यपालन
अधिकारी पर लगा रहे है, उनका कहना है कि सरपंच सचिव तथा जनपद सीईओ द्वारा मिलकर पंचायत
की राशि को गबन किया जा रहा है. जनपद पहुंचे ग्रामीण आज सीईओ से अपने-अपने गाँव के
सचिव को बुलाने की मांग कर रहे थे. और कह रहे थे कि जब तक उन्हें पैसे नहीं मिल
जाते वे घर नहीं जायेंगे. ग्रामीणों के आक्रोश को देख वहां पुलिस की तैनाती कर दी
गई थी. पुलिस से वहां एक एसआई, एक एएसआई के साथ एक महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थी.
वही जनपद सीईओ का कहना है कि शौचालय की सारी राशि पंचायत को दे दी गई है. यदि राशि
नहीं मिली है पंचायत ही उन्हें राशि देगी अन्यथा उन पर क़ानूनी कार्यवाही हो सकती
है.