बसना जनपद सीईओ ने अनामिका पॉल एवं उनके साथियों के खिलाफ दर्ज कराई FIR, जाने क्या है पूरा मामला.
बसना जनपद के
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने डॉ. अनामिका सहित डॉ.
अमिताभ पाल तथा उनके साथीगण श्री विद्याशंकर दास अरेकेल, वसीम अकरम
छोटेटेमरी, ओशिन जौहरी बसना, आशिष बारिक पौंसरा, राजेश प्रधान
बरगांव, प्रकाश जैन बसना, नितिश साहू, अनिश असरफी, धर्नुजय पिता
अशोक बिटांगीपाली, निरंजन पिता शंकर बिटांगीपाली, डोलामणी भोई बरगांव एवं इनके 05 से भी अधिक अन्य
साथियों के द्वारा बसना जनपद में मुख्यकार्यपालन अधिकारी के कक्ष के भीतर जबरन घुंसकर गाली गलौच
कर धमकाते हुए शासकीय कार्य मे बाधा पहुंचाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है.
रिपोर्ट के अनुशार दिनांक 03-10-2018 को कार्यालयीन
अवधि मे पूर्वान्ह लगभग 11.30 बजे से 12 बजे के बीच अचानक श्रीमती अनामिका पाल एवं उनके साथीगण द्वारा
कार्यालय के भीतर एवं मुख्य कार्यापालन अधिकारी के कक्ष मे जबरन घुंसकर गाली गलौच
एवं धमकी चमकी करते हुए लात घुंसों से मुख्य कार्यापालन अधिकारी जनपद पंचायत बसना
कक्ष के दरवाजा एवं कुलर को क्षतिग्रस्त किया है.
साथ रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग 04 घण्टे तक कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर मुख्य कार्यापालन अधिकारी के कक्ष के भीतर एवं कक्ष के बाहर कार्यालय मे बसना सीईओ चोर है, जैसे अभद्र नारे बाजी एवं गंदे गंदे शब्दों का उपयोग करते हुए धमकी चमकी एवं गाली गलौच की गई. तथा कार्यालय के मुख्य द्वार के चैनल गेट को बंद कर आने जाने के लिए प्रवेश को बंद कर दिया गया. लगभग 04 घण्टे तक कार्यालय को बंधक बनाकर रखा गया एवं कार्यालयीन कार्य को बाधित किया गया है.
रिपोर्ट के
अनुशार कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों
को घोर मानसिक एवं आत्मिक आघात पहुंचा है. इस प्रकार इनके द्वारा भयपूर्ण
वातावरण निर्मित करने के कारण कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी भी कार्य करने मे असुरक्षित
महसूस कर रहे है.
इस पुरे मामले को लेकर डॉ. अनामिका पॉल से
संपर्क किया गया तो बताया गया कि हमारे द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन
किया गया था, मौके पर पुलिस भी मौजूद थी. ग्रामीण अपने शौचालय की राशि की मांग
हेतु जनपद पहुंचे थे. जिले के सभी गाँव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है फिर भी सरपंच
सचिव शौचालय का भुगतान नहीं कर रहे है तो शायद इसमें जनपद सीईओ और जिला सीईओ का भी
हाथ है.