मिडिल स्कूल अरेकेल में वाल्मिकी जयंती एवं शरद पूर्णिमा कार्यक्रम मनाया गया.
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल मे शरद पूर्णिमा एवं वाल्मिकी जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत में शिक्षक प्रेमचंद साव ने कहा कि अनेक भाषाओं के ज्ञाता आदिकवि वाल्मीकि ने संस्कृत में रामायण लिख कर विश्व की सबसे समृद्ध भाषा संस्कृत का गौरव बढ़ाया।
इसके अलावा महर्षि वाल्मिकी के सद्गुणों एवं चारित्रिक गुणों के बारे में भी बताया गया।शरद पूर्णिमा के महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि चांद बदलते मौसम अर्थात् मानसून के अंत का प्रतीक होता है और शरीर व मन को शीतलता प्रदान करता है।इसका चिकित्सकीय महत्व भी है,जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।शरद पूर्णिमा की रात चंद्र किरणों का पड़ना शुभ माना जाता है।
इस अवसर पर प्रधान पाठक श्रीराम साहू ,शिक्षक हीराधर साव,शिक्षिका विनीता ताण्डी एवं छात्र-छात्राओं द्वारा भी विचार व्यक्त किया गया।