क्या खतरे में है राजा की दावेदारी ?
बसना विधानसभा से कांग्रेस के टिकट को लेकर अब भी
असमंजस की स्थिति बनी हुई है. कल दिल्ली में 2 घंटे की बैठक के बाद भी पार्टी बसना
विधानसभा से प्रत्याशी का नाम साफ नहीं कर पाई है. ऐसे में यह माना जा सकता है कि
बसना में प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस अब तक कोई निर्णय नहीं ले पाई है.
एक तरफ जहाँ पहले ही यह तय माना जा रहा था कि बसना विधानसभा से राजा देवेन्द्र
बहादुर की टिकट कोई नहीं काट सकता वही दूसरी तरफ तीसरी सूची में भी बसना को लंबित
किये जाने पर लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या राजा की दावेदारी
खतरे में है.
लोगों का मानना है कि बीते समय में उषा पटेल ने राजनीति में जो सक्रियता दिखाई है उसे
लेकर पार्टी यह तय नहीं कर पा रही कि किसे प्रत्याशी बनाया जाए. हालाकि लोगों को
उम्मीद यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन पार्टी अपना प्रत्याशी देवेन्द्र
बहादुर को चुनेगी. वही संभावित सूची में देवेन्द्र बहादुर का नाम देखकर कुछ लोगों
ने जश्न भी मनाया था. लेकिन अधिकारिक पुष्टि नहीं होने से जश्न रुक गया. माना यह
भी जा रहा है कि प्रत्याशी को लेकर यहाँ बीजेपी और कांग्रेस एक दुसरे का इंतज़ार कर
रही है. कुछ समीकरण ऐसे भी बैठ सकते जिसमे पार्टी उषा पटेल को प्रत्याशी घोषित
करे.