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महासमुंद : आज के विद्यार्थी ही बनाएंगे देश को समृद्ध एवं विकसित - डॉ. अनुसुइया अग्रवाल

स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय महासमुंद में विकसित भारत @ 2047 कार्यक्रम के तहत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

16 दिसंबर को स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय के प्रोजेक्टर कक्ष में प्राचार्य महोदया प्रो. (डॉ.) अनुसुइया अग्रवाल (डी. लिट.) के मार्गदर्शन में विकसित भारत 2047 कार्यक्रम के तहत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अनुसुइया अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति रही. उन्होंने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम देश के सभी महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों के लिए ही लॉन्च किया गया है. उन्होंने बताया कि 25 वर्ष बाद यह विद्यार्थी ही देश की मुख्य कमान संभाल रहे होंगे.

प्राचार्य महोदय ने कहा कि देश की प्रगति में विद्यार्थी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। सशक्त राष्ट्र के निर्माण में उन्हें अपना दायित्व सुनिश्चित कर निरंतर प्रयासरत्‌ रहना चाहिए। छात्रशक्ति में ही राष्ट्र की शक्ति निहित है, जो तभी संभव है, जब विद्यार्थी कुशल व्यक्तित्व और कुशल नेतृत्व का गुण धारण करें। विश्वशक्ति के रूप में अग्रसर हो रहे भारत और भारत के युवाओं के लिए स्वयं को साबित करने का यही श्रेष्ठ अवसर है. विद्यार्थी की देश को अगले 25 साल में विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमें आधुनिकीकरण के पीछे भागते हुए अपनी परंपरागत संस्कृति वह सामाजिक मूल्यों को भी संजोए रखने की आवश्यकता है. उन्होंने आह्वान किया कि हम एक विकसित भारत बनाने का प्रयास करेंगे. कार्यक्रम का संचालन कर रहे राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक हरि शंकर नाथ ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ 13 दिवसीय विकसित भारत @ 2047 कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम के उद्देश्य तथा महत्व पर प्रकाश डाला.

महाविद्यालय के हिंदी के सहायक प्राध्यापक श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर ने विकसित भारत बनाने हेतु शिक्षा तंत्र में सुधार की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए विद्यार्थियों को सृजनात्मक एवं समीक्षात्मक अध्ययन की आवश्यकता समझाइ. उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में पैर पसारे सामाजिक कुरीतियों तथा रूढ़िवादी विचारधाराओं को पहले दूर करने की आवश्यकता है.

प्रखर विश्वकर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत के मूल बिंदु पर ध्यान देते हुए बताया कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर लाल किले से 15 अगस्त 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 25 वर्षों में भारत को विकसित बनाने का सपना देखा, किसी को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 11 दिसंबर 2023 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'विकसित भारत@2047: युवाओं की आवाज' का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि विकसित होने के लिए देश की अर्थव्यवस्था तथा राष्ट्रीय आय को बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक अधिसन रचनागत तथा वैचारिक स्तर पर भी उन्नत एवं विकसित विचार करने की आवश्यकता है. उसने बताया कि देश के विकास करने के लिए पहले हम सब युवाओं को अपने अंदर कौशल तथा ज्ञान का विकास करना आवश्यक है.

मयंक पांडे ने बताया कि हमें हमारे पास मौजूद मोबाइल फोन का इस्तेमाल बहुत ही सोच समझकर सिर्फ उत्पादक कार्यों के लिए ज्ञान अर्जन तथा व्यक्तित्व विकास हेतु करना चाहिए. अक्षांश त्रिवेदी ने प्रकाश डाला की 2047 में हमारे देश को आजाद हुए पूरे 100 वर्ष हो जाएंगे इसी दूरदर्शिता को लेकर प्रधानमंत्री ने देश को विकसित भारत के रूप में दृष्टिगत करने का निर्णय लेते हुए यह कार्यक्रम चालू किया. उन्होंने देश के विकास के लिए युवा वर्ग की भूमिका तथा उनके वैचारिक उन्नति की ओर ध्यान देने हेतु सुझाव प्रस्तुत किया.

भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. जिसमें प्रखर विश्वकर्मा (बी.कॉम.प्रथम वर्ष) के छात्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. मयंक पांडे (बी.कॉम.-प्रथम वर्ष) द्वितीय तथा अक्षांश त्रिवेदी (बी.कॉम.प्रथम वर्ष) तृतीय स्थान पर रहे. कार्यक्रम में महाविद्यालय के बी.ए., बी.एस.सी.तथा बी.काम.के समस्त विद्यार्थी उपस्थित थे तथा विद्यार्थियों ने अत्यधिक रुचि लेते हुए संदीप डडसेना, यश भगत, एलिसन सागर तथा अदिति साहू ने प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये.

तत्पश्चात स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय महासमुंद के वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. श्रुति झा ने अगले 10 दिनों के विकसित भारत 2047 के कार्यक्रमों की सूचना देते हुए युवाओं को अपनी सक्रिय सहभागिता देने हेतु प्रेरणा दायक विचार प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि विकसित भारत से जुड़े आइडियाज पोर्टल पर 5 अलग-अलग विषयों पर ऑनलाइन सुझाव दिए जा सकते हैं। उन्‍होंने बताया कि सर्वश्रेष्ठ 10 सुझावों के लिए पुरस्कार की भी व्यवस्था की गई है। विद्यार्थी अपने सुझाव मायगॉव पर भी दे सकते हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय की अंग्रेजी की सहायक अध्यापक डॉ. श्रुति झा ,हिंदी सहायक प्राध्यापक प्रतिमा चंद्राकर, रवि देवांगन (सहायक प्राध्यापक -अर्थशास्त्र) तरुण कुमार बांधे ( सहायक प्राध्यापक- वाणिज्य), मुकेश कुमार सिन्हा (व्याख्याता कंप्यूटर एप्लीकेशन), हरिशंकर नाथ (व्याख्याता -राजनीति शास्त्र), निलेश कुमार तिवारी (व्याख्याता- गणित), माधुरी दीवान (व्याख्याता -वाणिज्य), केमिका चंद्राकर (व्याख्याता - कंप्यूटर विज्ञान ), शेषनारायण साहू (प्रयोगशाला तकनीशियन) आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु महाविद्यालय के कर्मचारी धर्मेंद्र साहू ने सक्रिय भूमिका निभाई ।


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