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महासमुंद : शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनाया गया वीर बाल दिवस

आज दिनांक 26 दिसंबर 2023 को शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुंद के कक्ष क्रमांक 1 में प्राचार्य महोदया प्रो. (डॉ.) अनुसुइया अग्रवाल (डी. लिट.) के निर्देशानुसार तथा प्रभारी प्राचार्य डॉ.ईश्वरी प्रसाद चेलक जी की उपस्थिति में वीर बाल दिवस का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता वनस्पति शास्त्र संकाय प्रमुख डॉ. ईश्वरी प्रसाद चेलक तथा वाणिज्य संकाय प्रमुख अजय कुमार राजा ने की. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में  उदम सिंह रामगढ़िया सेवानिवृत प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोरिद, जिला-गरियाबंद सिख समाज के प्रतिनिधि रूप में उपस्थित हुए. सिख समुदाय से  सगन जोत सिंह, गगन जोत सिंह  तथा  जसप्रीत सिंह  भी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.

कार्यक्रम का संचालन कर रहे  अजय कुमार राजा ने बताया कि 9 जनवरी 2022 को गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश वर्ष के दिन किए गए घोषणा के आधार पर 26 दिसंबर 2023 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा को श्री गोविंद सिंह जी के पुत्रों साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी एवं बाबा फतेह सिंह जी की शहादत की स्मृति में वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ ईश्वरी प्रसाद चेलक ने बताया कि वीर बाल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के पुत्रों साहब जादों बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा उनकी शहादत को याद करना है.

मुख्य वक्ता श्री उदम सिंह जी सिखों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सिखों के नवें गुरु गुरु तेग बहादुर सिंह जी का देश प्रेम की भावना विकसित करने में ऐतिहासिक भूमिका रही, उन्होंने मुगल बादशाह औरंगजेब के समय के वृतांतों का सविस्तार वर्णन करते हुए सिख समुदाय का देश प्रेम सामाजिक सद्भाव तथा राष्ट्रीयता की भावना के लिए किए गए संघर्ष की घटनाओं का सविस्तार वर्णन किया.
 उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादुर सिंह के पोते साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी मात्र 9 वर्ष एवं बाबा फतेह सिंह जी मात्र 7 वर्ष की उम्र में वीरता के साथ राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा दी थी. और उनकी शहादत के बाद से ही सिख समाज में 11वीं गुरु के रूप में गुरु ग्रंथ साहिब को मान्यता प्रदान की गई. अपनी व्याख्यान के उपरांत श्री उदम सिंह जी ने विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए उनकी प्रश्नों का समाधान किया एवं उनसे सीधे प्रश्नोत्तरी के माध्यम से जानकारी भी साझा किया.

कार्यक्रम में प्रो. करुणा दुबे (विज्ञान संकाय प्रमुख), डॉ. रीता पांडे ( कला संकाय प्रमुख) उपस्थित रहे. उक्त कार्यक्रम में शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय महासमुंद तथा शासकीय स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, महासमुंद के , समस्त स्टाफ तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे. कार्यक्रम महाविद्यालय स्तर की साहित्यिक सांस्कृतिक समिति, योग विभाग, क्रीड़ा विभाग एवं एनएसएस एनसीसी विभाग के छात्र-छात्राओं की अगुवाई में विभिन्न प्रतियोगिताएं करवा कर संचालित की गई. कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, बौद्धिक संगोष्ठी तथा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया.

कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन  रवि देवांगन ने किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक गण डॉ.आर.के. अग्रवाल,  मनीराम धीवर, डॉ.नीलम अग्रवाल,  रवि देवांगन,  तरुण कुमार बांधे,  नितेश कुमार तिवारी ,  एस. आर. रात्रे, कु. मनीषा बहरा, कु. प्रियंका सोनवानी, कु. पूजा जैन आदि उपस्थित रहे.


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