महासमुंद : 135 बंदियों को दिया तनाव मुक्त जीवन जीने की विधि.
दिनांक 10 जनवरी 2024 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला जेल महासमुन्द में 135 बंदियों को दिया तनाव मुक्त प्रबंधन एवं जीवन जीने की विधि के बारे में अवगत कराया गया, मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक अधिकार है, कि हऱ व्यक्ति व सामुदाय के पास मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी व इलाज पहुँचे इस कार्यक्रम के मुख्या डॉ पी कुदेशिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ बसंत माहेश्वरी सयुंक्त संचालक एवं अस्पताल अधीक्षक, श्री मती नीलू घृतलहरे डीपीएम एनएचएम एवं डॉ छत्रपाल चंद्राकर जिला नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य के समन्वय से जिला जेल महासमुंद में मानसिक स्वास्थ्य के तनाव, डिप्रेशन, आत्महत्या, नशा पान, स्वस्थ्य जीवन शैली, योगा आदि के बारे में बंदियों को जागरूक किया गया, मानसिक तनाव को कम करने के विधि बताया गया जैसे बलून से अपनी सास पर नियंत्रण, नियमित व्यायाम, आपसी समन्वय, वार्तालाप, अनुभव को आदान प्रदान करने से उदासी और तनाव से बचा जा सकते है बंदियों द्वारा ड्राइंग शीट के माध्यम से प्रजेटेशन किया जिसमें तनाव के कारण व तनाव प्रबंधन के उपाय बताया गया!
*तनाव के मुख्य कारण हो सकता है*- जैसे -
1) बिना किसी वजह से तनाव में आ जाना.
2) बिना दोसी हुये परिवार से बिछड़ने हेतु.
3) घर परिवार यार दोस्त से नहीं मिल पाना.
4) जिम्मेदार व्यक्ति घर में और न हो पाना.
5) बिना किसी ठोस वजह से सजा काटना. आदि.
*तनाव प्रबंधन के उपाय-*
1) सभी आपस में मिल कर भाई चारे से रहे.
2) किसी भी प्रकार का आपराधिक कार्य न करे व कानून का पालन करें.
3) व्यायाम - योगा करना चाहिए जिसे मानसिक तनाव न हो.
4) एक दूसरे से हसी मजाक करते रहना चाहिए जिससे बार बार मानसिक तनाव न बने रोमांच हो.
5) मन को एकाग्र करने की कोशिश करनी चाहिए. जिससे मन विचलित न हो.
6) कोई भी गेम खेले जैसे कैरम, सतरंज, लूडो खेल कर समय बिताये.
7) पुस्तक, रामायण, महाभारत, गीता, कहानी अन्य बुक पड़ समय बिताना चाहिए. मनोरंजन हो बंदी द्वारा रामजन्म भूमि के याद में राम भगवान को चित्रकला के माध्यम से जेल में ही सूंदर सा पेंटिंग किया गया है!
जेल अधीक्षक श्री यू के पटेल, श्री मति ममता पटेल फार्मासिस्ट, मेडिकल कालेज सह जिला चिकित्सालय से रामगोपाल खूंटे मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता, सुश्री जाग्रति साहू कम्युनिटी नर्स पंचायत के माध्यम से 135 बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से अवगत कराया गया.