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Narayanpur में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर, तीन जवान हुए घायल

Narayanpur । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में सात नक्सलियों को मार गिराया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में तीन जवान घायल हुए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिले की सीमा पर सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में सात नक्सलियों को मार गिराया।

अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में नारायणपुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिले की सीमा पर स्थित मुंगेडी और गोबेल क्षेत्र में भेजा गया था। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबल के जवान शुक्रवार को जब गोबेल क्षेत्र में थे तब नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि दोनों ओर से दिन भर रूक-रूककर गोलीबारी हुई। अधिकारियों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने अभी तक सात नक्सलियों का शव बरामद किया है। साथ ही बड़ी संख्या में नक्सलियों के घायल होने की संभावना है।



उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में नारायणपुर डीआरजी के तीन जवान भी घायल हुए हैं। घायल जवानों की स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर है। अधिकारियों ने बताया कि इस संयुक्त अभियान में नारायणपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, जगदलपुर की डीआरजी और भारत तिब्बत सीमा पुलिस के 45वीं वाहिनी का बल शामिल है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में खोज अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ के साथ ही इस वर्ष अब तक राज्य में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में 125 नक्सली मारे जा चुके हैं।

पुलिस के मुताबिक, 23 मई को नारायणपुर-बीजापुर अंतर-जिला सीमा पर जंगल में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में सात नक्सली मारे गए थे, जबकि 10 मई को बीजापुर जिले में 12 नक्सली मारे गए थे। पुलिस ने बताया कि 30 अप्रैल को नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा पर जंगल में हुई मुठभेड़ में तीन महिलाओं समेत दस नक्सली मारे गए थे और 16 अप्रैल को कांकेर जिले में हुई मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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