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UGC ने 157 यूनिवर्सिटीज को घोषित किया डिफाल्टर, छत्तीसगढ़ के 5 विश्वविद्यालय भी इनमें शामिल, जानें इसके पीछे का कारण

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की तरफ से देश के 157 डिफाल्टर यूनिवर्सिटी की लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट में भोपाल में स्थित माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय का भी नाम है। इसके अलावा प्रयागराज में स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय का भी नाम इस लिस्ट में देखा गया है। यूजीसी की ओर से जारी लिस्ट के अनुसार, इन सभी यूनिवर्सिटीज ने लोकपाल नियुक्त नहीं किया है। इसके चलते इन्हें डिफाल्टर यूनिवर्सिटी के कैटेगरी में शामिल किया गया है।


इस लिस्ट में 108 सार्वजनिक विश्वविद्यालय, 2 डीम्ड विश्वविद्यालय और 47 निजी विश्वविद्यालय शामिल हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी इस सूची में मध्य प्रदेश के सात विश्वविद्यालय को डिफाल्टर घोषित किया गया है। इनमें माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (भोपाल), राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (भोपाल), जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जबलपुर), मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय (जबलपुर), नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विवि (जबलपुर), राजा मानसिंह तोमर म्यूजिक एंड आर्ट्स विवि (ग्वालियर) और राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (ग्वालियर) शामिल है। इसके अलावा यूपी के किंग जार्ज यूनिवर्सटी ऑफ डेंटल साइंस (KGMU) का भी नाम है।

सूची के अनुसार आंध्र प्रदेश की 4, बिहार की 3, छत्तीसगढ़ की 5, दिल्ली की 1, गुजरात की 4, हरियाणा की 2, जम्मू कश्मीर की 1 झारखंड की 4, कर्नाटक की 13, केरल की 1, महाराष्ट्र की 7 मणिपुर की 2, मेघालय की 1, ओडिशा की 11, पंजाब की 2, राजस्थान की 7, सिक्किम की 1, तेलंगाना की 1, तमिलनाडु की 3, उत्तर प्रदेश की 10, उत्तराखंड की 4, पश्चिम बंगाल की 14 सरकारी यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित की गई है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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