राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई, IPS को किया गया सस्पेंड - CG Sandesh

राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई, IPS को किया गया सस्पेंड

IPS kaisar Khalid: IPS कैसर खालिद को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। मुंबई के घाटकोपर होर्डिंग हादसे को लेकर ये बड़ा एक्शन हुआ है। दरअसल खालिद रेलवे सीपी थे और उन्होंने वहां होर्डिंग लगाने की अनुमति दी थी। महाराष्ट्र सरकार ने IPS मोहम्मद कैसर खालिद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने डीजीपी कार्यालय की मंजूरी के बिना अपने आप होर्डिंग को मंजूरी दी थी, इसमें प्रशासनिक चूक और अनियमितताएं पाई गई हैं। कैसर खालिद 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। 52 साल के खालिद बिहार के मूल रूप से अररिया जिले के रहने वाले हैं।

13 मई को मुंबई के घाटकोपर इलाके में तेज हवा के बाद एक विशाल होर्डिंग गिर गई थी. इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग जख्मी हुए थे।बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा, “भ्रष्ट आचरण के लिए रेलवे पुलिस कमिश्नर कैसर खालिद को निलंबित करने के लिए मैं महाराष्ट्र सरकार और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस का स्वागत करता हूं।

 

 

आदेश में कहा गया है कि मोहम्मद कैसर खालिद अब हेडक्वार्टर मुंबई में रिपोर्ट करेंगे। वह बिना डीजीपी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे। घाटकोपर में जिस जमीन पर होर्डिंग लगाई गई थी। वह राजकीय रेलवे पुलिस के कब्जे में थी और पेट्रोल पंप के पास होर्डिंग लगाने की अनुमति मेसर्स ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को तत्कालीन जीआरपी आयुक्त कैसर खालिद की मंजूरी से 10 साल के लिए दी गई थी। होर्डिंग गिरने की घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

वीरमाता जीजाबाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (वीजेटीआई) द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट में कहा गया है कि होर्डिंग की नींव अपर्याप्त और कमजोर थी। वीजेटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भी होर्डिंग संरचना को 158 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की गति का सामना करने में सक्षम होना चाहिए, लेकिन जो होर्डिंग ढह गई, वह सिर्फ 49 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की गति का सामना करने में सक्षम थी। अधिकारी ने कहा था कि घटना के दिन हवा की गति 87 किलोमीटर प्रति घंटे थी।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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