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Monday Remedies : सोमवार के व्रत में न करें ये काम… इन नियमों का रखें ख्याल

Monday Remedies: हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शंकर को समर्पित होता है. इस दिन महादेव का विधिवत पूजन करने से जीवन के सभी कष्टों से निजात मिलता है और सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अगर कुंवारी कन्याएं इस व्रत को रखती हैं तो उन्हें सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है. इस दिन व्रत को करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक होता है. माना जाता है कि अगर आप इन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो आपको शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होती है. इसके साथ ही महादेव भी क्रोधित हो सकते हैं.

कुछ लोग 16 सोमवार का व्रत रखते हैं तो कुछ सिर्फ सावन महीने के सोमवार में ही व्रत को करते हैं. इस व्रत को चैत्र,वैशाख, कार्तिक और मार्गशीर्ष महीने में भी करना प्रारंभ कर सकतेल हैं. 16 सोमवार के व्रतों को शुक्ल पक्ष से शुरू करना चाहिए. शुक्ल पक्ष से सोमवार के व्रत को करना, अत्यंत फलदाई माना जाता है. वहीं अगर आप सोमवार के व्रत रख रहे हैं तो आपको कुछ काम नहीं करने चाहिए. आइए जानते हैं कि वे कौन से काम हैं, जो इस व्रत में भूलकर भी नहीं करने चाहिए.

 


सोमवार के व्रत में न करें ये काम

  • सोमवार के व्रत के दिन सूर्योदय से पहले ही उठें.इस दिन देर तक सोना नहीं चाहिए.
  • व्रत के समय दिन में भूलकर भी नहीं सोना चाहिए.
  • इस व्रत में एक ही समय शाम को भोजन करने का विधान है. इस कारण उससे पहले किसी भी प्रकार का अन्न ग्रहण न करें.
  • इस दिन किसी को भी अपशब्द न बोलें और न ही किसी की चुगली करें.
  • अगर आप सोमवार के व्रत को करते हैं तो आपको तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए.
  • सोमवार के व्रत में शिव,पार्वती, गणेश, नंदी और कार्तिकेय मतलब पूरे शिव परिवार का पूजन करें. सिर्फ शिव की पूजा मान्य नहीं होती है.

इन नियमों का रखें ख्याल

  • भगवान शिव के इन व्रतों को आप 5 साल तक रख सकते हैं.
  • इस व्रत को 16 सोमवार तक रखें. जब 16 सोमवार पूरे हो जाएं तो उद्यापन कर दें.
  • सोमवार के व्रत को शारीरिक क्षमता को देखकर ही रखें.



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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