Shoulder Cracking: क्या आपके कंधे से भी आती है कट-कट की आवाज... - CG Sandesh

Shoulder Cracking: क्या आपके कंधे से भी आती है कट-कट की आवाज, तो ये हो सकते हैं कारण

Shoulder Cracking: शरीर में कई बार कुछ बदलाव ऐसे होते हैं जो कल्पनाओं से परे होते हैं, उनमे से ही कुछ होते शरीर को जोड़ो से आवाज का आना। जो कोई आसान नहीं होता है। कई बार ऐसा होता है कि खराब खानपान और एक्सरसाइज की कमी के कारण हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिसके कारण हड्डियों में कट-कट की आवाज आने लगती है। लेख में जानिए कंधों में कट-कट आवाज आने के कारणों के बारे में –

एक्सपर्ट की राय के अनुसार, अगर आपके कंधों में लंबे समय तक कट-कट की आवाज आती है, तो आप अपने आहार में हरी सब्जियों और फलों की संख्या को बढ़ा सकते हैं। साथ ही, दूध पीने से भी शरीर को कई फायदे मिलेंगे।

Shoulder Cracking: कैविटेशन के कारण

कैविटेशन जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थ कम होने के कारण गैस के बुलबुले बनने लगते हैं। इन बुलबुले के फटने पर आपको कट-कट की आवाज आती है।


Shoulder Cracking: टेंडन हिलने के कारण

मांसपेशियों और कंधे की हड्डियों को जोड़ने वाले स्नायु कभी-कभार हड्डियों के ऊपर फिसल जाते हैं, जिससे जोड़ में रगड़ की आवाज आती है ।

Shoulder Cracking: जॉइंट स्ट्रक्चर में ढीलापन के कारण

अधिक समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने के कारण कंधे के जोड़ कमजोर होने लगता है, जिससे हड्डियां हिलती है और चटकने की आवाज पैदा करती है।

Shoulder Cracking: अर्थराइटिस

अर्थराइटिस के कारण भी कंधों में कट-कट की आवाज पैदा होती है। बता दें कि अर्थराइटिस के कारण जोड़ों का उपास्थि खराब हो जाता है, जिससे हड्डियों में रगड़ पैदा होती है और कट-कट की आवाज आने लगती है।

Shoulder Cracking: सावधानियां

अगर आपके कंधों से काफी ज्यादा कट-कट की आवाज आती है, तो डॉक्टर को दिखाकर इसका इलाज करा सकते हैं। इसके साथ ही कैल्शियम वाली चीजों को ज्यादा खा सकते हैं। ये सभी कारणों से कंधे में कट-कट की आवाज आने लगती है।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी को प्रदान करता है और इनको केवल सुझाव के रूप में लें। इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। विधानन्यूज यहां दिए गए किसी भी दावे की पुष्टि नहीं करता हैं।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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