जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में है रहस्यमयी सुरंग ? सात घंटे... - CG Sandesh

जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में है रहस्यमयी सुरंग ? सात घंटे अंदर बिताकर टीम ने खोला राज

पुरी। पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में हुए दूसरे खुलासे के दौरान गुप्त सुरंग के रहस्य को लेकर विवाद छिड़ गया है। मंदिर प्रशासन द्वारा आयोजित किए गए खुलासे में दर्शाया गया कि रत्न भंडार में कोई गुप्त सुरंग नहीं है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, रत्न भंडार के अंदरीय कक्ष में कोई ऐसी संरचना नहीं है जिसे सुरंग के रूप में उपयोग किया जा सके। इस विवाद पर उठे बहुत से स्थानीय लोगों ने भी इसे लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए, लेकिन सुपरवाइजरी कमेटी ने इस बात का स्पष्टीकरण किया कि रत्न भंडार के अंदर किसी भी प्रकार की सुरंग नहीं है। मंदिर के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति विश्वनाथ रथ ने बताया कि उन्होंने खुलासे के दौरान स्वयं रत्न भंडार के अंदरीय कक्ष में निरीक्षण किया था और उन्हें कोई सुरंग या गुप्त कक्ष नहीं दिखाई दी।



इसे लेकर जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने एएसआई द्वारा लेजर स्कैनिंग जैसी तकनीक का उपयोग किया, जिससे कि सुरंगों जैसी किसी भी मौजूदा संरचना के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके। रत्न भंडार का खुलासा रत्नों और कीमती आभूषणों के सुरक्षित रखरखाव के लिए नियोजित अस्थायी स्ट्रांग रूम में उन्हें स्थानांतरित करने के लिए किया गया था। इस प्रक्रिया के दौरान मंदिर प्रशासन ने वीडियोग्राफी भी करवाई, ताकि इस खास घटना की प्रक्रिया को सही ढंग से दर्शाया जा सके।

यह घटना मंदिर के बाहरी प्रवेश में भी पूरी सुरक्षा की गई, और सांप पकड़ने वाले, ओडिशा रैपिड एक्शन फोर्स के कर्मचारी और फायर ब्रिगेड के अधिकारी भी तैनात किए गए थे। इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी अधिकृत व्यक्तियों ने यह सुनिश्चित किया कि रत्न भंडार में कोई अनधिकृत प्रवेश नहीं हो, और उसकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया। इस घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों के बीच इस बारे में मनमुटाव है, लेकिन मंदिर प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रत्न भंडार की सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं सटीकता से की गई हैं।




author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें