महासमुंद : APP में पैसा डबल के चक्कर में गवाएं 8 लाख, APP और कस्टमर सर्विस हुआ बंद, पुलिस ने दर्ज किया मामला.
महासमुंद जिले में एक बार फिर साइबर क्राइम का मामला सामने आया है, जिसमे कुछ लोगों ने पैसा डबल करने के लालच में अपने करीब 8 लाख रुपये गवां दिए.
महासमुंद निवासी योगेश साहू पिता सेतराम साहू ने पुलिस को बताया कि वह एमकाम की पढाई किया है, भवगती इंडसट्रीज बेलसोंडा में लेखापाल का काम करता है.
योगेश ने बताया कि उसने रकम इनवेस्ट करने के लिए मोबाईल पर डेटा मिर AI के नाम से एप डाउनलोड किया, तथा 02 जुलाई 2024 को एप में एक सिरीज के माध्यम से रकम इनवेस्ट किया, इसके बाद एप को चेंजकर थर्ड EYE AI नाम का APP युज किया गया.
योगेश ने बताया कि संदीप टंडन के नाम से एक व्यक्ति एप में एवं मोबाइल पर इनवेस्ट के संबंध में बताता था. जिस एप में संदीप टंडन ने एक कैश डिपाजिट का स्कीम चलाया, और लोगो को जितना एमाउंट इनवेस्ट करोगे उसका डबल हो जायेगा इस तरह बताया.
जिसपर योगेश ने APP में 2 जून 2024 को 9 हजार रूपये, 10 जून 2024 को 12 हजार रूपये, 16 जून 2024 को 5 हजार रूपये, 18 जून 2024 को 5-5 हजार रूपये, 26 जून 2024 को 15 हजार रूपये, 28 जून 2024 को 50 हजार रूपये, 3 जुलाई 2024 को 18 हजार रूपये, 12 हजार रूपये, 4 जून 2024 को 30 हजार व 6 हजार रूपये, 5 जुलाई 2024 को 17 हजार रूपये, 8 जुलाई 2024 को 42 हजार रूपये, 10 जुलाई 2024 को 14 हजार रूपये, व 10 हजार रूपये, 13 जुलाई 2024 को 47 हजार रूपये, 18 जुलाई 2024 को 12 हजार रूपये, 20 जुलाई 2024 को 18 हजार रूपये व 40 हजार रूपये, 21 जुलाई 2024 को 1 हजार रूपये, 22 जुलाई 2024 को 7 हजार रूपये कुल 3 लाख 75 हजार रूपये तथा उसके साथी दानेश्वर साहू ने नेट बैंकिग के माध्यम से खाता धारक गोवडा वेंकटा श्रीनिवासु साउथ इंडियन बैंक के नाम से 50 हजार रूपये इनवेस्ट किया.
योगेश ने बताया कि इनवेस्ट कर APP द्वारा एमाउंट को फ्रिज कर दिया है एवं उसके अन्य साथी सुभाषचंद्र बोस के द्वारा 2 लाख 79 हजार रूपये एवं सुबीर पाल के द्वारा 71 हजार रूपये का इनवेस्ट किया है जो कुल राशि 7 लाख 75 हजार रूपये है.
योगेश ने बताया कि संदीप टंडन ने अब अपना मोबाईल नंबर तथा कस्टमर नंबर दोनो बंद कर दिया है तथा APP को भी बंद कर दिया है.
योगेश ने पुलिस से शिकायत कर संदीप टंडन उचित पर उचित कार्यवाही करने की मांग की है, मामले की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध धारा 318(4)-BNS पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है.