झारखंड में कहर बनकर गिरी आकाशीय बिजली, अलग-अलग स्थानों में व... - CG Sandesh

झारखंड में कहर बनकर गिरी आकाशीय बिजली, अलग-अलग स्थानों में वज्रपात से 7 लोगों की मौत, 13 लोग घायल

रांची। झारखंड में बीते मंगलवार को बारिश हुई। इसी बीच प्रदेश में आसमान से आकाशीय बिजली कहर बनकर गिरी। अलग-अलग जिलों में वज्रपात से 7 लोगों की मौत से राज्य में कोहराम मच गया है। वहीं, वज्रपात से 13 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

बता दें कि रांची में वज्रपात से 5 और चतरा में 2 लोगों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जान चली गई जबकि 13 लोग झुलस गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया। मिली जानकारी के अनुसार रांची के मांडर में 3 लोगों की मौत हो गई जबकि जिले के ही चान्हो प्रखंड के कंजगी गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 40 वर्षीय सकलू उरांव की मौत हो गई। वहीं, लुंडरी गांव में 30 वर्षीय देवकी उरांईन की मौत हो गई। वहीं, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 6 लोग घायल हो गए हैं।



वहीं ऐसी ही एक और घटना चतरा जिले में घटी जहां सदर थाना क्षेत्र स्थित 4 अलग-अलग गांव में बीते मंगलवार की शाम वर्षा के साथ हुई वज्रपात की घटना में 2 लोगों की मौत हो गई। इसमें एक 15 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है। वहीं, इस घटना में 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर, लातेहार जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित बारियातू जागीर के पास वज्रपात होने से 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमें 4 लोगों को रांची रिम्स रेफर कर दिया गया है।

बता दें कि मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में मेघ गर्जन, व्रजपात के साथ बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद से मिली जानकारी के अनुसार बीकानेर-अजमेर की ओर से एक झारखंड होते हुए एक मानसून टर्फ बंगाल की ओर बढ़ रहा है। इसकी काफी रफ्तार है। वहीं एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तरी छत्तीसगढ़ से ओडिशा-झारखंड होते हुए बंगाल की तरफ बढ़ रहा है। इन्हीं वजहों से झारखंड में बारिश के आसार नजर आ रहे हैं।मौसम विभाग के मुताबिक 2 अगस्त से बारिश में कमी आएगी। इससे उमस बढ़ने की संभावना है।




author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें