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5 तरह की सामग्री का है विशेष महत्व, इस तरह सजाएं रक्षाबंधन पर तिलक की थाली, जानें किन चीजों का होना है जरूरी?

श्रावण मास में वैसे तो कई सारे व्रत और त्योहार आते हैं, लेकिन सबसे खास माना जाता है रक्षाबंधन. यह पर्व भाई और बहन के बीच अटूट रिश्ते और प्रेम को दर्शाता है. इस बार रक्षाबंधन 19 अगस्त, सोमवार को मनाया जा रहा है. इस दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती है, लेकिन इससे पहले उसे तिलक लगाती है और इसके लिए वह पूरी थाली सजाती है. क्या आप जानते हैं तिलक की थाली में कौन-कौन सी सामग्री रखना जरूर होती है और इसे किस लिए रखा जाता है? आइए जानते हैं तिलक की थाली से जुड़ी सामग्री और खास बातें।

1. नारियल
हिन्दू धर्म में नारियल को शुभता के रूप में देखा जाता है और यह समृद्धि को दर्शाता है. ऐसे में रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर जब आप अपनी तिलक की थाली में नारियल जरूर रखें, इससे आपके भाई की तरक्की होगी.


2. रोली
पूजा में तिलक के लिए रोली का काफी महत्व होता है और यह प्रेम का प्रतीक भी है. ऐसे में भाई बहन के बीच प्रेम को दर्शाते इस पर्व पर आपकी थाली में रोली जरूर शामिल करें. जिससे आपके रिश्ते और भी बेहतर होंगे.

 

3. अक्षत
चावल को ही अक्षत कहा जाता है और इसे धन का सूचक माना गया है. ऐसा माना जाता है कि कोई भी तिलक बिना अक्षत के अधूरा होता है, इसलिए आप तिलक की थाली में अक्षत जरूर रखें, जिससे आपके भाई की आर्थिक उन्नति भी होगी.

4. मीठा
किसी भी शुभ कार्य या पर्व पर मिठाई सामान्य बात है और सिर्फ खाने तक ही सीमित मानी जाती है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसे सूर्य और गुरु ग्रह से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे में जब आप राखी की थाली में मिठाई रखती हैं तो भाई की कुंडली में दोनों ग्रह मजबूत होते हैं.

5. दीपक
रक्षाबंधन पर तिलक लगाने और राखी बांधन के बाद मिठाई खिलाई जाती है और अंत में बहन अपने भाई की आरती उतारती है. इसके लिए आपकी थाली में घी का दीपक होना जरूरी है. यह आपके भाई के जीवन में रोशनी लाने का काम करता है.




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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