महासमुंद : पोषण माह के अंतिम दिन स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया गया

तत्पश्चात स्थानीय सुशील सैम्युअल वार्ड में हितग्राहियों के घर जाकर पोषण वाटिका तैयार करने की विधि बताई गई और भाजी व अन्य सब्जियों के बीज रोपण कर पोषण वाटिका तैयार किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की शहरी परियोजना की परियोजना अधिकारी श्रीमती शैल नाविक एवं पर्यवेक्षक शीला प्रधान ने पोषण वाटिका के महत्व को बताया। उन्होंने माह भर संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि पोषण माह मुख्य रूप से महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार पर केंद्रित था। पोषण माह में स्थानीय प्रशासन और सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए विभिन्न जागरूकता अभियान, पोषण पखवाड़े, और पोषण थाली जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान, कुपोषण को कम करने, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने, और पोषक आहार के महत्व पर बल दिया गया। पोषण माह के दौरान, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर दिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ जीवन की नींव प्रदान की जा सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों व सेक्टर अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं, सहायिका तथा जनसमुदाय से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है।