बसना : सडकों से उठाई गई 400 गाय हुई लापता ! माँ से बिछड़ने के बाद बछड़ों की स्थिति खराब .....
जुलाई 2024 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन करते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश के सभी कलेक्टर, नगरपालिक निगम आयुक्त तथा मुख्य नगर पालिका, नगर पंचायत अधिकारी को सड़कों से मवेशी हटाकर उन्हें समुचित चारा पानी की व्यवस्था कर सुरक्षित स्थान पर रखने हेतु निर्देश जारी किया गया था.
निर्देश के तहत अधिकारीयों को सड़क से गाय उठाने के बाद उसे किस वाहन से भेजा गया, हटाकर किस स्थान पर रखा, जहाँ रखा गया वहां पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण तथा चारा पानी शेड की व्यवस्था करनी थी. तथा पशुपालकों पर जुर्माना लगाये जाने, आवारा पशुओं को शत प्रतिशत बधियाकरण करने, एवं आम जनता को इस बारे में जागरूक किया जाना था.
इस आदेश के बाद बसना नगर पंचायत ने करीब 400 गाय सडकों से उठाई थी, जिसके बाद आज वह सभी गाय लापता बताई जा रही है.
दरअसल बसना नगर के निवासी प्रदीप ठाकुर ने इस मामले में सुचना के अधिकार के तहत नगर पंचायत बसना से उठाये गए गायों की जानकारी मांगी. जिसमें उन्हें नगर पंचायत द्वारा 400 गायों को सड़कों से उठाकर अस्थायी कांजीहाउस में रखना बताया गया. लेकिन प्रदीप ठाकुर ने जब इन गायों को देखने की मांग की तो अधिकारी उन्हें एक भी गाय नहीं दिखा पाए.
प्रदीप ठाकुर ने बताया कि नगर पंचायत बसना द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश का उलंघन करते हुए सड़कों से उठाये गए गायों को रखने हेतु समुचित व्यवस्था नहीं की और उन्हें जंगल में छोड़ दिया. इसके बाद से गाय लापता हो गई या तस्कर उठा ले गए. इसके चलते कुछ गायों से इनके बछड़े भी बिछड़ गए जो आज भी अपनी माँ को खोज रहे हैं. माँ से बिछड़ने के बाद इन बछड़ों की स्थिति भी खराब हो चुकी है.
स्थानीय निवासी महेंद्र साव ने बताया कि करीब 250 गोवंश का इलाज उनके द्वारा किया जा रहा था जो दुर्घटना से घायल या बीमार थे. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह अनुविभागीय अधिकारी से शिकायत कर सीएमओ पर अपराध दर्ज करने की मांग करेंगे.
शासन द्वारा यह निर्देश आवारा पशुओ के कारण सड़क में होने वाली दुर्घटना को रोके जाने हेतु जारी किया गया था. लेकिन निर्देश का सही पालन नहीं होने से 400 गाय लापता हो गई. बताया जा रहा है कि सड़कों से गाय उठाने के बाद नगर पंचायत ने इसकी मुनादी भी कराई, नगर पंचायत लगातार सड़कों से गाय उठाने की कार्यवाही कर रही थी लेकिन पशुपालक अपने गायों के लेने नहीं आये.
शासन ने भी कागजों पर निर्देश दे दिए लेकिन इन निर्देशों को पालन करने नगर पंचायत के पास ना तो पर्याप्त कांजीहाउस की व्यवस्था थी, ना ही कोई ऐसा स्थान जहाँ इनकी समुचित व्यवस्था की जा सके. जिसके चलते सड़कों से दुर्घटना कम करने गाय तो उठा लिए गए लेकिन अब वह लापता बताये जा रहे हैं.