बसना : सचिव 03 साल से पंचायत का अभिलेख रिकार्ड नही सौपा ,जिप... - CG Sandesh

बसना : सचिव 03 साल से पंचायत का अभिलेख रिकार्ड नही सौपा ,जिपं में विभागीय संरक्षण !

पंचायत सचिव अपने स्थानांतरण होने के बाद प्रभार सौंपने के दौरान शासकीय अभिलेख रिकार्ड नवान्तुक सचिव को जानबूझकर नही दे रहे है। ताकि उनके किये गये वित्तीय अनियमितता बाहर ना जाये। ऐसे प्रकरण लक्ष्मीपुर पंचायत का सम्पूर्ण जानकारी सीईओ जिपं महासमुन्द को है। लेकिन आरोपित सचिव को 03 साल से निलंबित नही कर कार्यवाही करने के बजाय विभागीय संरक्षण देकर खानापूर्ति कर रहे है। बहरहाल इसकी शिकायत प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को किया गया है।


मालूम हो कि ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर में आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने 29 नवम्बर 2021 को सूचना आवेदन लगाकर वांछित दस्तावेज की मांग किया था। जिसमें तात्कालीन सचिव मुरलीधर साव ने 17 दिसम्बर 2021 को लिखित में जबाब दिया। उसे पूर्व तात्कालीन सचिव के द्वारा प्रभार के दौरान इस ग्राम पंचायत का अभिलेख रिकार्ड नही सौंपा है। जिस कारण वह सूचना दस्तावेज नही दे सकता है।


जिसकी शिकायत कलेक्टर महासमुन्द को 09 फरवरी 2022 को किया गया। कार्यवाही नही होने पर शासन स्तर में पुनः शिकायत किया। पंचायत संचालनालय के आदेश से जिला पंचायत ने जपं पिथौरा से जांच कराया। पूर्व सचिव कुन्ती आवडे सूचना पाये जाने के बाबजूद 31 अक्टुबर 2023 को जांच के दौरान में अनुपस्थित रही।


जांचकर्ता अधिकारी ने वस्तुस्थिति की जांच करके इसकी जानकारी सीईओ जपं पिथौरा को दिया। पूर्व सचिव को सीईओ जपं ने 09 जनवरी 2024 को नोटिस जारी करके बयान देने का मांग किया। लेकिन कुन्ती आवडे ने बयान नही दिया। तब सीईओ जपं ने अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रकरण को जिला पंचायत में भेज दिया। एस. आलोक सीईओ जिपं ने 24 जनवरी 2024 को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया। सचिव कुन्ती आवडे ने 05 फरवरी 2024 को लिखित बयान दिया। वर्तमान सचिव को वह सम्पूर्ण प्रभार एक सप्ताह के भीतर सौंप देगी। लेकिन मुरलीधर साव को अभिलेख रिकार्ड दिलाने के बजाय सीईओ जिपं ने श्रीसाव का स्थानांतरण लक्ष्मीपुर से कंटगतराई कर दिया।


इसके जगह में कुन्ती आवडे को भतकुन्दा पंचायत से लक्ष्मीपुर पंचायत में 04 मार्च 2024 को सीईओ जिपं ने तबादला कर दिया। जिसका विरोध आदिवासी महिला सरपंच ने किया। माहौल गर्म हुआ तब सीईओ एस. आलोक ने वहां से इसे हटाने का आदेश दिया। जिस पर रोक के लिए कुन्ती आवडे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की। जो प्रकरण अभी लंबित है।


चर्चा का विषय यह है कि कुन्ती आवडे ने इसी पंचायत का अभिलेख रिकार्ड पूर्व में जब नही सौंपा था। तो किस मंशा से एस. आलोक ने ग्राम पंचायत भतकुन्दा से उसी लक्ष्मीपुर पंचायत में वापस स्थानांतरण किया। सचिव व सरपंच के मध्य विवाद की स्थिति क्यो निर्मित किया। अपने ही आदेश को संशोधन करके कुन्ती आवडे को वहां से हटाने का पुनः आदेश जारी क्यो किया। प्रकरण न्यायालय क्यो पहुंचा। कई सवाल अनसुलझे है।


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