
पिथौरा : बिजेमाल पंचायत में भ्रष्टाचार, जांचकर्ता अधिकारियो पर ‘मिलीभगत‘ का आरोप।
ग्राम पंचायत बिजेमाल में शासन से प्राप्त 13वें वित्त एवं 14वें वित्त योजना मद राशि में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। शिकायत में जांच के लिए कलेक्टर महासमुन्द नेे जिला पंचायत को आदेश दिया है। जिससे जिला पंचायत ने जनपद पंचायत को चिटठी लिखा। जनपद पंचायत पिथौरा ने जांचकर्ता अधिकारियो को 03 दिवस में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। लेकिन 03 साल तक जांच पूर्ण नही किये है। बिजेमाल के तात्कालीन सरपंच सचिव से मिलीभगत करके जांचकर्ता अधिकारी व्यस्तता का गाना गा रहे है। भ्रष्टाचार को प्रश्रय दिये है।
बता दे कि आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने ग्राम पंचायत बिजेमाल का 13 वित्त एवं 14 वित्त योजना सहित अन्य मद में हुए अनियमितता का लिखित शिकायत वर्ष 2021 में कलेक्टर महासमुन्द को किया है। जिसमें जनपद पंचायत पिथौरा के गुलाब प्रसाद सामल, डी.एल. बरिहा एवं सुभाष प्रधान को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन तीनो का एक जांच दल गठित किया है। जिन्हे 03 दिवस में जांच करके जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का स्पष्ट आदेश मिला है। लेकिन ये जांचकर्ता अधिकारी जानबूझकर वरिष्ठ अधिकारियो के आदेश का पालना नही कर रहे है।
मालूम हो कि तात्कालीन सरपंच हसीना बानो के कार्यकाल में जमकर भर्राशाही करने का आरोप लगे है। इनके कार्यकाल में सरपंच पति हमीद को भी ग्राम पंचायत के मद राशि से भुगतान किया है। जो छ.ग. पंचायती राज अधिनियम के घोर विपरीत है। कागजी रिकार्ड मे तो फर्म दर्शाया गया है। लेकिन हकीकत में मौजूद नही है। ग्रामीण सूत्रो के अनुसार इस ग्राम पंचायत में कई लाखो रूपये का गडबडी किये जाने का आशंका है। तात्कालीन पंचायत सचिव के द्वारा इस अवधि का सम्पूर्ण बिल बाउचर भी नये पदस्थापना में आए पंचायत सचिव को नही सौंपा है।
शिकायतकर्ता विनोद दास ने बताया कि इस प्रकरण पर तत्काल जांच नही किये जाने पर छ.ग. शासन मंत्रालय उच्च स्तरीय पुनः शिकायत किया जायेगा। जिससे इसमें शामिल दोषी जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव, जांचकर्ता अधिकारियो के विरूद्व दण्डात्मक कार्यवाही की मांग किये जायेगें। तात्कालीन सरपंच से उनका पक्ष लेने के लिए उनके मोबाइल पर काल करने पर रिंग गई लेकिन काल रिसिव नही किया।