CG : अनाथ बच्चों को सरकार देगी प्रतिमाह 4000 रुपये ? जानिए क... - CG Sandesh

CG : अनाथ बच्चों को सरकार देगी प्रतिमाह 4000 रुपये ? जानिए क्या है सच्चाई

रायपुर। “मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत माता-पिता की मृत्यु के बाद दो बच्चों को सरकार 4000-4000 रुपये प्रतिमाह देगी” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पंडरिया विधायक भावना बोहरा की तस्वीर के साथ वायरल हो रही योजना का पंपलेट फेक है। राज्य सरकार की तरफ से बताया गया है कि ना तो ऐसी कोई योजना संचालित हैं और ना ही ऐसी योजना का कोई प्रस्ताव लंबित है।


दरअसल पिछले कुछ दिनों मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के नाम पर एक फर्जी योजना की जानकारी सोशल मीडिया में वायरल हो रही थी। हालांकि जिस तरह से इस योजना का जिक्र किया गया था और मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक भावना बोहरा की जिस तरह से तस्वीरें उस पोस्टर में लगी थी, उससे कई लोगों ने उस पर यकीन कर तहकीकात भी शुरू कर दी थी।


क्या है उस फर्जी योजना में जिक्र


मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के नाम से वायरल किये जा रहे पंपलेट में दावा किया जा रहा था कि ऐसे बच्चे जिनके मां-पिता दोनों या दोनों में से कोई एक की अगर मृत्यु 1 मार्च 2020 के बाद हो गयी है और बच्चे की उम्र अगर 18 साल से कम है तो ऐसे परिवार के दो बच्चों को हर महीने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 4000-4000 रुपये प्रतिमाह दिया जायेगा। फार्म भरकर जिला बाल संरक्षण ईकाई या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जमा करने को कहा गया था।


10-12 लोगों तक इस पर्चे को फैलाने को कहा गया


पर्चे में ये भी लिखा था कि इस योजना का ये पर्चा 10-10 लोगों तक भेजिये। इसके लिए बच्चे और मां का खाता, राशन कार्ड, आधार कार्ड, स्कूल आईडी कार्ड, पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी मांगी गयी थी।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें