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WOMEN'S DAY पर महिलाओं को मिला तोहफा: महतारी वंदन योजना की 13वीं किश्त जारी.

छत्तीसगढ़ में महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 13वीं किश्त जारी कर दी गई है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राज्य की महिलाओं को सौगात दी. CM साय ने एक बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 13वीं किश्त लाभार्थी महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की.

इस दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आयोजित कार्यक्रम में CM साय ने सभी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में देश के लिए महिलाओं के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए.


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं के त्याग और समर्पण के बिना कोई भी समाज और राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भारत में मातृशक्ति की पूजा की परंपरा सदियों पुरानी है और छत्तीसगढ़ सरकार इस परंपरा को और सशक्त कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोई भी समाज तब तक संपूर्ण नहीं हो सकता जब तक समाज की महिलाएँ सशक्त न हों। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं और आने वाले समय में भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई नए कदम उठाए जाएँगे। महिला सशक्तिकरण की यह यात्रा सतत जारी रहेगी, क्योंकि नारी शक्ति ही राष्ट्र की शक्ति है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला कल्याण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत पिछले 13 महीनों से प्रति माह 1,000 रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित कर रही है। अब तक 70 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 8,488 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब से उनका मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे भुगतान में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।

चार नए पोर्टल और डिजिटल पहल की लॉन्चिंग

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर उत्पीड़ित एवं संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा की शुरुआत किया जिसके तहत वे ऑनलाइन एवं मोबाइल एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री साय ने बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के पोर्टल, इंफ्रा पोर्टल तथा स्थापना पोर्टल का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार टेक्नोलॉजी के माध्यम से महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिला स्व-सहायता समूहों के लिए नए अवसर

महिला मड़ई में लगे स्टॉल्स के संबंध में मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अब तक 15 से 20 लाख रुपये से अधिक की खरीद-बिक्री हो चुकी है, जो महिला उद्यमिता को दर्शाता है। उन्होंने घोषणा की कि नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से "यूनिटी मॉल" बनाया जाएगा, जहाँ महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बेचने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे।

सखी वन स्टॉप सेंटर की एसओपी – छत्तीसगढ़ बना पहला राज्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने सखी वन स्टॉप सेंटर की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का विमोचन किया और बताया कि छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं को तत्काल सहायता, परामर्श और कानूनी सहायता प्रदान करता है। अब इस सेंटर के व्यवस्थित संचालन के लिए एक मानक प्रक्रिया बनाई गई है, जिससे इसकी प्रभावशीलता और बढ़ेगी।

महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में विशेष प्रावधान

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल एक नारा नहीं, बल्कि अपनी नीति और संकल्प का अभिन्न हिस्सा मानती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के राज्य बजट में महिलाओं और समाज कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं को सशक्त किया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से लेकर, उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा तक हर क्षेत्र में सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है।

महिलाओं के लिए आरक्षण और नए अवसर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लाखों महिलाओं को लाभ मिल रहा है।पंचायती राज संस्थाओं में पहले से ही महिलाओं को 50% आरक्षण प्राप्त है। अब विधानसभा और लोकसभा में भी 33% आरक्षण का लाभ जल्द ही महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ राजनीति से लेकर फाइटर प्लेन उड़ाने और रेल संचालन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

"अजेय नारी - आराध्य नारी" थीम पर हुआ महिला मड़ई का आयोजन

चार दिवसीय महिला मड़ई का आयोजन "अजेय नारी - आराध्य नारी" थीम पर किया गया। इसमें राज्य के 33 जिलों से आए 87 महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और विक्रय किया।

इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को भी विभिन्न माध्यमों से आमजन के सामने प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती पुष्पा पाटले, संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक श्री जन्मजेय महोबे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह और आयुक्त नगर निगम श्री विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और महिलाएँ उपस्थित रहीं।

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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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