महासमुंद : डॉ. अनुसुइया को मिला कोसलपुत्री सम्मान
जय जोहार साहित्य एवं संस्कृति संस्थान एवं वैभव प्रकाशन रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति पर केंद्रित पुस्तक कोसल पुत्री के दो भाग सहित चार अन्य पुस्तकों का विमोचन हुआ। इस बहुआयामी आयोजन में छतीसगढ़ की 108 यशस्विनी धरापुत्रियों का सम्मान हुआ। जिनके बारे में कोसलपुत्री प्रथम एवं द्वितीय भाग में संकलित 36- 36 परिचयात्मक लेखों की लेखिकाओं ने गवेषणात्मक श्रम से लेखन किया है ।
इन महिला नेत्रियों ने शिक्षा, साहित्य, संगीत, लोक साहित्य, लोककला आदि के क्षेत्र में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। जिसमें मुख्य अतिथि समाजसेवी कौशल्या साय द्वारा प्रो (डॉ) अनुसुइया अग्रवाल डी लिट् प्राचार्य स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय महासमुंद को शिक्षा और साहित्य जगत में अतुलनीय भूमिका निर्वहन के लिए कोसलपुत्री सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर पर उन्हें सुंदर मोमेंटो भेंट कर, पगड़ी पहनाकर एवं गले में मैडल पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्पादक द्वय डॉ. सीमा निगम और डॉ . तृषा शर्मा ने इस पुस्तक का संपादन किया।
मुख्य अतिथि ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं को अपनी रक्षा के लिए स्वयं सजग होना होगा। छत्तीसगढ़ की महिलाएं जीवन के विविध रंगों में लिख रही हैं। आज सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की महिलाएं आगे हैं। घर परिवार के अलावा राज्य की संस्कृति के संरक्षण में वे अत्यधिक सक्रिय हैं। साय ने अपने अनेक रोचक संस्मरण सुनाए। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ साहित्य के मामले में उर्वरा भूमि है। प्रस्तुत पुस्तक अनुसंधान के बाद लिखा गया है इसलिए यह प्रमाणिक इतिहास की तरह है।
विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की सचिव अभिलाषा बेहार ने लेखिकाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए बधाई दी। प्रारंभ में संयोजक डॉ. सीमा निगम और डॉ. सुधीर शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. रश्मि लता मिश्रा ने साहित्य और संगीत के समन्वय पर बल दिया। मुख्य अतिथि ने कोसल पुत्री, छत्तीसगढ़ कहानी गढ़, गोपा शर्मा की दो पुस्तकों और प्रीति सुरेश मिश्रा के लघुकथा संग्रह का विमोचन किया। समारोह में छत्तीसगढ़ के विविध जिलों की लेखिकाएं उपस्थित थीं।
इस बहु आयामी आयोजन से छत्तीसगढ़ की साहित्य बिरादरी को भावी आयोजनों के लिए दृष्टांत सहित प्रेरणा मिली।
द्वितीय सत्र डॉ. रमेंद्र नाथ मिश्र और डॉ. महेंद्र ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह का संचालन शुभ्रा ठाकुर, डॉ. सीमा अवस्थी, सुमन बाजपेयी आदि ने संयुक्त रूप से किया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. सीमा निगम ने अंत में आभार प्रदर्शन किया।