बिलाईगढ़ के शैलेंद्र देवांगन ने फ़ोन कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा चाकू मारने की जानकारी
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भोपाल सीट से लोकसभा प्रत्याशी पर सवाल उठाये है. शनिवार को बिलाईगढ़ की एक चुनावी सभा में भूपेश बघेल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की ओर से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भोपाल से टिकट देने पर सवाल उठाए हैं.
कभी “भगवा आतंकवाद” तो कभी कट्टर हिन्दुओं को लश्कर से खतरनाक और आतंकवादी मानने वाली कांग्रेस पार्टी को सबसे पहले झटका भोपाल से बीजेपी द्वारा प्रज्ञा ठाकुर को टिकट मिलने से हो गया. प्रज्ञा ठाकुर को टिकट मिलते ही कांग्रेस में ख़लबली मच गई और कांग्रेस बैकफुट पर जाती दिखाई देने लगी. भोपाल से जीत के दावेदार माने जाने वाले दिग्विजय सिंह की जीत पे प्रश्न चिन्ह लग चूका था.
टिकट मिलने के बाद प्रज्ञा ठाकुर ने भी भावुक होकर बयान दिए और सहानुभूति बटोरी. सहानुभूति के चलते प्रज्ञा ठाकुर ने ऐसा बयान भी दे दिया जिससे पार्टी ने अपना किनारा किया और प्रज्ञा ठाकुर को भी अपना बयान वापस लेना पड़ा.
दरअसल प्रज्ञा साध्वी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘हेमंत करकरे ने जेल में मुझे प्रताड़ित किया और मैंने हेमंत करकरे से कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा और ठीक डेढ़ महीने बाद इसका सूतक लगता है”.
हेमंत करकरे मुंबई एटीएस के प्रमुख थे और 26/11 मुंबई हमलों के दौरान वे शहीद हुए थे. हेमंत करकरे को अशोक चक्र से भी सम्मानित किया गया. चूँकि बीजेपी राष्ट्रवाद और सेनाओं का सम्मान करने वाली पार्टी कहती है इसलिए एक शहीद पर बीजेपी प्रत्याशी द्वारा ऐसा बयान देना उसे बैकफुट पर ले आया.
और उसके बाद से लेकर अब तक कांग्रेस हर राज्य से लगातार बीजेपी को राष्ट्रवाद और शहीदों पर घेरने लगी है. इस ताजा मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलाईगढ़ में कहा कि ‘‘आखिर ऐसे लोगों को टिकट देकर भाजपा अपना कौन-सा चेहरा दिखाना चाहती है. भाजपा को सही कैंडिडेट नहीं मिल रहा है. इसलिए वे आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगों को प्रत्याशी बना रही है. साध्वी प्रज्ञा ने 2001 में बिलाईगढ़ के शैलेंद्र देवांगन के सीने पर चाकू से हमला किया था.’’
उन्होंने कहा कि मेरे पास शैलेन्द्र देवांगन का फोन आया था और उसने कहा इसने (प्रज्ञा ठाकुर) ने मुझपर चाकू चलाया था.’’ उन्होंने कहा कि “करकरे की हत्या आतंकवादियों ने की है. आतंकवादियों के साथ उनके संबंध हैं और हमपर संबंध रखने का आरोप लगाते हैं. साध्वी प्रज्ञा के बयान के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को देश से माफी मांगनी चाहिए.’’