बसना : नगर पंचायत की कार्यवाही, बसें आने लगी अंदर, क्या सफ़ल हो पायेगा बस स्टैंड को व्यवस्थित करने का सपना !
विलुप्त हो रहे बसना बस स्टैंड में अतिक्रमण के चलते कोई भी बस ड्राइवर बस को बस स्टैंड के अंदर ले जाना उचित नहीं समझते थे. बसना बस स्टैंड में भीषण गर्मी के बीच मुसाफिरों को बिना छत के बहार ही इंतजार करना पड़ रहा था, बस स्टैंड में यात्री प्रतीक्षालय के साथ वाटर एटीएम और सुलभ शौचालय भी शो पीस बनता जा रहा था. इसके पहले विगत कई वर्षों से यात्री प्रतीक्षालय में अवैध रूप से होटल चलता आया था.
यात्री प्रतीक्षालय में वर्षों से चल रहे अवैध होटल को अब से लगभग तीन वर्ष पूर्व नगर पंचायत द्वारा धारासायी कर दिया गया था. अतिक्रमण हटने के बाद वापस वहां यात्री प्रतीक्षालय बनने की उम्मीद जगी. उम्मीदों पर खरा उतरते हुए नगर पंचायत द्वारा वहां यात्री प्रतीक्षालय के अलावा वहां वाटर एटीएम, सुलभ शौचालय और काम्प्लेक्स भी बनाया गया.
मगर निर्माण के दौरान वहां वापस कुछ दुकानदारों और टैक्सी यूनियन वालों द्वारा कब्ज़ा कर लिया गया. जिसके चलते बसें बस स्टैंड के बहार ही बसों को खड़ा कर सवारी बैठाने लगे. उपयोग के आभाव में वाटर एटीएम भी बंद हो गया और यात्री प्रतीक्षालय सहित आस-पास के जगहों पे गंदगियों, शराबियों और जुआडियों का जमावड़ा होने लगा.
आज एक बार फ़िर बसना नगर पंचायत के सीएमओ द्वारा बस स्टैंड पहुंचकर वहां से अवैध रूप से टैक्सी खड़ा करने वालों पर हिदायत देते हुए वहां से उन्हें हटा दिया. नगर पंचायत सीएमओ ने साफ शब्दों में कहा कि टैक्सी स्टैंड की जिम्मेदारी नगर पंचायत की नहीं है, उन्हें अपनी व्यवस्था स्वयं करनी होगी.
अतिक्रमण हटने के बाद बसें वापस बस स्टैंड में आती दिखने लगी. इसके साथ ही बंद पड़े वाटर एटीएम को शुरू किया गया और यात्री प्रतीक्षालय की सफाई की गई.
अतिक्रमण के हटने से टैक्सी वालों ने आक्रोश दिखाई देने लगा, उन्होंने बस स्टैंड में अवैध रूप से बिकने वाली शराब पर भी कारवाही करने की मांग की और कहा कि व्यवस्थित ठंग से टैक्सी स्टैंड के लिए उन्हें कोई अन्य जगह दी जाए और बसों द्वारा बीच रास्ते में उठाने वाली सवारी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध हो. यात्रियों के चढ़ने उतरने का स्थान केवल बस स्टैंड ही हो.
वहीं बस स्टैंड के सामने भी अतिक्रमण कर ठेले चला रहे लोगों को वहां से हटने की हिदायत दी गई है. जिस पर वहां के लोगों का कहना है कि केवल बस स्टैंड ही क्यों जहाँ जहाँ भी अतिक्रमण हुए है उन सब जगहों पर कार्रवाही की जाए. और यदि बस स्टैंड खाली ही करना है तो सबको उचित ठंग से कहीं व्यवस्थित किया जाए. अन्यथा ये अतिक्रमण हटाने में कभी सफल नहीं होंगे.
फिलहाल नगर पंचायत सीएमओ ने आगे भी बड़ी कार्रवाही करने के संकेत दे चुकें है. और बस स्टैंड में नगर पंचायत की तरफ से निगरानी रखने को कहा गया है.