कम भाड़े के विरोध में ट्रेलर मालिकों का ज्ञापन, कलेक्टर से उचित भाड़ा दिलाने की मांग
रायगढ़ जिला ट्रेलर मालिक कल्याण संघ ने जिंदल प्रबंधन पर तमनार क्षेत्र की खदानों से कम भाड़े पर परिवहन कराए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने बढ़ती परिवहन लागत को देखते हुए उचित भाड़ा दिलाने और मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
संघ के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में डीजल, वाहन रख-रखाव, बैंक किस्तों और अन्य परिवहन खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इन बढ़ती लागतों को देखते हुए यूनियन भाड़े में 11 प्रतिशत वृद्धि का संशोधन किया गया था। संघ का दावा है कि यह संशोधित भाड़ा संबंधित ट्रांसपोर्टरों और उद्योगों की सहमति से तय किया गया था, जिसके बाद जिले के अधिकांश उद्योगों ने भाड़े में आवश्यक वृद्धि की।
हालांकि, संघ का आरोप है कि जिंदल प्रबंधन ने संशोधित भाड़े को स्वीकार करने के बजाय मौजूदा भाड़े में भी करीब 15 से 20 रुपये प्रति टन की कटौती कर दी। संघ के अनुसार, इसका असर अन्य उद्योगों पर भी पड़ रहा है और वाहन मालिकों को उचित भाड़ा नहीं मिल पा रहा है।
संघ ने बताया कि 5 अगस्त 2026 को रायगढ़ और तमनार क्षेत्र के यूनियन प्रतिनिधियों ने गारे-पेलमा स्थित लॉजिस्टिक हेड को ज्ञापन सौंपकर भाड़े में सुधार की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। संघ का दावा है कि कम भाड़े और बढ़ती परिवहन लागत के चलते करीब 1000 से 1200 वाहन मालिक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
ट्रेलर मालिक संघ ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उचित भाड़ा तय कराने और वाहन मालिकों की समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है।