बसना : जरुरत मंद परवारों के बीच पहुंचकर मनाया रक्षा बंधन अपनत्व और भाई चारे का दिया सन्देश
सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसना में दिनांक 27 अगस्त सन 2026 को रक्षा बंधन के पावन पर्व पर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के बीच पहुंचकर राखी बाँधने का अनूठा प्रयास किया गया l झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों के कलाई पर जब प्रेम और विश्वास का रक्षा सूत्र बांधने गया तो वातावरण आत्मीयता और भावनाओं से भर उठा l
इस अवसर पर बहनों ने बस्ती के लोगों को राखी बांधकर यह सन्देश दिया गया कि रिश्ते केवल खून से नहीं बल्कि प्रेम , सम्मान और संवेदना से भी बनते हैं l आर्थिक स्थिति , रहन – सहन और सामाजिक परिस्थितयों की भिन्नता के बावजूद सभी एक ही समाज और परिवार का हिस्सा है l रक्षा बंधन केवल भाई – बहन के प्रेम का पर्व नहीं , बल्कि आपसी विश्वास , सुरक्षा सेवा , सामजिक समरसता का प्रतीक भी है l विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रेम के बीच प्रेम और अपनत्व बढाने के लिए इस पर्व का उपयोग किय्ये जाने की मिसालें सामने आती हैं l
इस अवसर पर राखी बाँधने का उदेश्य किसी पर उपकार करना नहीं , बल्कि हम सब एक हैं कि भावना को मजबूत करने का अवसर है l जब त्यौहार की खुशियाँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है तभी उत्सव की सार्थकता पूर्ण होती है l जरुरत मंद परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाकर समाज को यह सन्देश दिया गया की सुख दुःख में एक दुसरे का साथ देना ही सच्ची सामाजिक समरसता है l
स. शि.म.वि. बसना के आरक्षी केंद्र में जाकर पुलिस कर्मियों को राखी बांधना केवल रक्षाबंधन क उत्सव नहीं , बल्कि भाईचारे , सम्मान और समरसता का सुन्दर सन्देश है l
पुलिसकर्मी दिन रात समाज की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं और कई बार अपने परिवार से दूर रहकर भी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं l ऐसी में बहनों द्वारा उन्हें राखी बांधकर यह भाव प्रकट किया जाता है कि आप हमारी रक्षा करते हैं , इसलिए हम भी आपको भाई का स्नेह और सम्मान देते हैं l
यह पहल पुलिस और समाज के बीच विश्वास एवं आत्मीयता का सम्बन्ध मजबूत करती है l बच्चों में पुलिस के प्रति सम्मान और सकारात्मक सोच विकसित होती है तथा पुलिस कर्मियों को भी यह अनुभूति होती है की समाज उनके कर्तव्य और समर्पण को समझता है l
2. संस्कार केंद्र आदर्श नगर
3. वार्ड क्रमांक 01
4. सांई नगर
5. संस्कार केंद्र कवीर नगर में बहनों द्वारा स्व निर्मित रक्षा सूत्र समरसता का भाव जाग्रीत करने के लिए समाज के बंधू – बांधवों को एकता के सूत्र में बाँधने का प्रयास किया l