केरल के कोल्लम जिले में स्थित कोट्टंकुलंगार श्री देवी मंदिर में हर साल आयोजित होने वाला ‘चमयाविलक्कू उत्सव’ एक ऐसा उत्सव है जहां पुरुष पारंपरिक महिलाओं की पोशाक में तैयार होते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
पूजा-पाठ के अलावा लोग नवरात्रि के दौरान कुछ ऐसे काम कर देते हैं, जो किसी बड़ी भूल से कम नहीं होते. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ऐसे कार्य घर में दरिद्रता व कलह का कारण बन सकते हैं.