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सरायपाली : दर्दनाशिनी वटी का प्रचार, ऑनलाइन नेटवर्क मार्केटिंग, शिक्षक निलंबित

सरायपाली के शिक्षक एक बार फिर नेटवर्क मार्केटिंग को लेकर सुर्ख़ियों में हैं, बतौर शिक्षक कम नेटवर्क मार्केटिंग का कार्य करने वाले रुपानंद पटेल, जो कि सरायपाली के नावागढ़ में व्याख्याता के रूप में पदस्थ थे उनका एक वीडियो वायरल होने से उन्हें शिक्षा विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया था, जिसका संतोषप्रद जवाब नहीं देने से उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, अब कुछ दिन ये विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से अपना नेटवर्क मार्केटिंग का बिजनेस चलाएंगे.

आपको बता दें कि सरायपाली में वर्ष 2019 में पहली बार शिक्षकों का नेटवर्क मार्केटिंग में जुड़े होने का मामला सामने आया था, just999 एक ऑनलाइन नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी जो क्षेत्र में लोगों को 999 रुपये में बाइक देने की बात करती थी, बाद में इस मामले में फर्जीवाड़ा की शिकायत होने पर पुलिस ने कार्रवाई की और यह कंपनी बंद हो गई. लेकिन कई शिक्षक इस पेशे से इसके बाद भी जुड़े रहना चाहते थे, और वर्ष 2019 में just999 के बंद होने के बाद फिर से एक कंपनी की शुरुआत 2020 में की गई जिसका नाम ASR ऑनलाइन मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड बताया जाता है.

इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस कंपनी की शुरुआत नन्द कुमार पटेल और संकीर्तन पटेल के द्वारा की गई है, जबकि just999 कंपनी के एमडी रूपधर चौधरी बताये जाते थे, लेकिन एक नाम जो हमेशा सामने आता है वह रुपानंद पटेल का है, जिन्हें कई लोग इस कंपनी का मास्टर माइंड भी बताते हैं. कंपनी बसना तहसील अंतर्गत पंजीकृत है.

यह जानकर आपको आश्चर्य होगा की शिक्षा विभाग से जुड़े ये शिक्षक, लोगों को सेहत से जुडी दवाइयां बेचते हैं, दर्दनाशिनी वटी जैसे कई दवाइयों के फायदे बताते हैं. मानो घुटनों, कमर दर्द से पीड़ित कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास जाने की बजाय इनके पास जाए. जबकि कंपनी अपने ही बेचे गए प्रोडक्ट की कोई गारंटी नहीं देती, कंपनी खुद कहती है कि इनके प्रोडक्ट पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है. ऑनलाइन कंपनी बनकार केवल पैसा कमाने का खेल खेला जा रहा है, कृषि, स्वास्थ्य से लेकर कई तरह के प्रोडक्ट कंपनी की वेबसाईट पर उपलब्ध है, जो उपयोगकर्ताओं के लिए अमानक अथवा जोखिम भरा हो सकता है.

शिक्षा विभाग से जुड़े इन शिक्षकों का ऐसा कार्य करना अशोभनीय है, बच्चों की शिक्षा पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. शिक्षा विभाग को सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इससे जुड़े और भी शिक्षकों पर कार्रवाई करनी चाहिए. ताकि स्कूल में पढने वाले बच्चों को सही और गलत का ज्ञान हो सके, अन्यथा ये बच्चे भी आगे जाकर ऐसा अनुसरण करेंगे.


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अविनाश नायक

मैं डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ और टेक-सैवी पत्रकार हूँ, जो पिछले 9 वर्षों से छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद, सरायपाली, बसना और पिथौरा क्षेत्र की स्थानीय खबरों के साथ, देश-विदेश एवं शासकीय योजनायें, रोजगार अथवा बैंकिंग से सम्बंधित समाचार प्रकाशित करता हूँ। पत्रकारिता के साथ-साथ मुझे Windows VPS सर्वर, IIS कॉन्फ़िगरेशन, SQL सर्वर और MVC, .NET, C# जैसी एडवांस तकनीकों का गहरा व्यावहारिक अनुभव है. इसके पूर्व करीब 6 वर्ष तक का मेरा सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामर के रूप में अनुभव रहा है.
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