क्रेडिट कार्ड का कर्ज तेजी से बढ़ा - CG Sandesh

क्रेडिट कार्ड का कर्ज तेजी से बढ़ा

पिछले चार साल में भारत में क्रेडिट कार्ड का कर्ज दोगुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। ‘प्लास्टिक मनी’ यानी क्रेडिट कार्ड ने ज़िंदगी आसान बनाने का वादा किया था, लेकिन अब ये लाखों भारतीयों को कर्ज के जाल में फंसा रहे हैं।

आंकड़े क्या कहते हैं?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 तक क्रेडिट कार्ड का कुल बकाया ₹2.91 लाख करोड़ पहुँच गया है। चार साल पहले, जुलाई 2021 में यह सिर्फ ₹1.32 लाख करोड़ था। यानी सिर्फ चार साल में कर्ज में 2.2 गुना की बढ़ोतरी हुई।

क्यों बढ़ रहा है कर्ज?

क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ी: जुलाई 2021 में भारत में 6.34 करोड़ कार्ड थे, जो जुलाई 2025 तक बढ़कर 11.16 करोड़ हो गए।

प्रति कार्ड औसत कर्ज बढ़ा: 2021 में प्रति कार्ड औसत बकाया ₹20,900 था, जो जुलाई 2025 में बढ़कर ₹26,100 हो गया।

EMI का प्रभाव: बैंक और फिनटेक कंपनियां महंगे सामान को EMI पर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। अक्सर इन EMI पर ब्याज भी लगता है, जिससे कर्ज बढ़ता है।

RBI की नई गाइडलाइन

RBI ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नियम बनाए हैं:

EMI पर पूरी डिटेल देना जरूरी है – प्रिंसिपल, ब्याज और डिस्काउंट का ब्रेकअप साफ लिखा होना चाहिए।

अब कोई भी ब्याज वाली EMI को ‘जीरो-कोस्ट’ नहीं कह सकता।

पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का दबाव

नवंबर 2023 में RBI ने निर्देश दिए कि बैंकों को ऐसे लोन पर ज्यादा पूंजी अलग रखनी होगी।

31 मार्च 2025 तक unsecured retail loans ₹15.08 लाख करोड़ तक पहुँच गए, जिसमें से ₹2.95 लाख करोड़ क्रेडिट कार्ड और ₹10.30 लाख करोड़ पर्सनल लोन है।

सिर्फ एक साल में 91–360 दिन तक चुकाए न गए कर्ज यानी delinquency 44% बढ़ गया।

क्या बैंकिंग सिस्टम को खतरा है?

RBI की जून 2025 की Financial Stability Report में कहा गया कि क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट बढ़ रहे हैं और unsecured loans पर दबाव है। Gross NPA ratio मार्च 2024 में 1.84% था, जो मार्च 2025 में 2.30% हो गया। हालांकि, RBI ने इसे सिस्टमिक रिस्क यानी पूरे बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरा नहीं माना।

क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन आसान और आकर्षक दिखते हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। EMI और ऑफर्स की चमक में फंसकर कर्ज के जाल में फंसना आसान है। इसलिए खर्च और उधार दोनों पर नजर रखना बहुत जरूरी है।


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