अमेरिकी ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को किया गिरफ्तार, ड्रग्स, हथियार और आतंकवाद के आरोप, अब क्या होगा मादुरो का
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक बड़े सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि यह अभियान सफल रहा और मादुरो दंपति को देश से बाहर ले जाया गया है। अमेरिकी सेना ने काराकास में विस्फोट और हमले किए, जिसके बाद मादुरो को यूएसएस इवो जिमा जहाज पर ले जाया गया और फिर न्यूयॉर्क पहुंचाया गया।
अमेरिका अब मादुरो के साथ क्या करेगा?
अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो पर नार्को-टेररिज्म साजिश, कोकीन आयात साजिश, मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि मादुरो ने कोलंबियाई विद्रोही समूह FARC के साथ मिलकर अमेरिका में टनों कोकीन की तस्करी की, जिससे अमेरिकी स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा पहुंचा। 2025 में अमेरिका ने मादुरो की गिरफ्तारी पर इनाम 50 मिलियन डॉलर (लगभग 450 करोड़ रुपये) तक बढ़ा दिया था। अब न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में मुकदमा चलेगा, जहां मादुरो को मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। सोमवार को उनकी पहली पेशी हो सकती है।
मादुरो पर आया ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा कि जब तक सुरक्षित संक्रमण नहीं हो जाता तब तक अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला को ‘चलाएगा’। उन्होंने तेल संसाधनों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी कंपनियां वहां निवेश करेंगी। वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन सत्ता को लेकर अनिश्चितता है।
चीन और उत्तर कोरिया ने दी सख़्त प्रतिक्रिया
चीन ने मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की, जबकि रूस और क्यूबा ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया। कुछ विशेषज्ञ इसे पनामा के नोरिएगा मामले जैसा बता रहे हैं, लेकिन कई इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मान रहे हैं। वेनेजुएला में विरोध और समर्थन दोनों प्रदर्शन हो रहे हैं। यह घटना लैटिन अमेरिका की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है, जहां लाखों शरणार्थी और आर्थिक संकट पहले से मौजूद है। आगे मुकदमा और क्षेत्रीय स्थिरता पर नजर रहेगी। उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने अमेरिका से मादुरो को तत्काल रिहा करने की माँग की है।