धान खरीदी केंद्र बसना में अनियमितता का आरोप, शार्टेज की आशंका पर एसडीएम से भौतिक सत्यापन की मांग
बसना विकासखंड के धान खरीदी केंद्र बसना में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान गंभीर लापरवाही, अनियमितता, भ्रष्टाचार और धान में शार्टेज की आशंका को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस संबंध में राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रान्त महामंत्री महेन्द्र साव ने धान खरीदी प्रभारी और समिति के खिलाफ एसडीएम बसना को लिखित शिकायत देकर भौतिक सत्यापन की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि 7 फरवरी 2026 तक भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।
शिकायत के अनुसार समर्थन मूल्य पर किसानों से की जा रही धान खरीदी में कई स्तर पर गड़बड़ी की आशंका है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 5 फरवरी तक कुल 502 किसानों से 40066.40 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इसमें मोटा धान 30453.60 क्विंटल, पतला धान शून्य क्विंटल और सरना धान 9612.80 क्विंटल शामिल है। खरीदी किए गए धान में से राईस मिलों को परिवहन के लिए मोटा धान 20138 क्विंटल और सरना धान 5340 क्विंटल, कुल 25668 क्विंटल धान भेजा जा चुका है।
इसके बाद भी धान खरीदी केंद्र बसना में अब तक मोटा धान 10325.60 क्विंटल, सरना धान 4282.80 क्विंटल और पतला धान शून्य क्विंटल, कुल 14598.40 क्विंटल धान शेष बताया जा रहा है। इन्हीं आंकड़ों को आधार बनाकर धान खरीदी महेन्द्र साव द्वारा खरीदी प्रभारी और समिति द्वारा खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही, अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई है।
उनका कहना है कि कागजी रिकॉर्ड और भौतिक स्थिति में अंतर हो सकता है, जिससे शासन को आर्थिक क्षति होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। महेन्द्र साव ने 4 फरवरी 2026 को एसडीएम बसना को लिखित शिकायत सौंपते हुए धान खरीदी केंद्र में तत्काल भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि निष्पक्ष जांच के लिए प्रशासन स्वयं मौके पर पहुंचकर धान की वास्तविक मात्रा का सत्यापन करे।शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 फरवरी 2026 तक भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया, तो वे किसानों और संगठन के सदस्यों के साथ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मामले के सामने आने के बाद धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं और अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।