सरायपाली : हाथीपांव मुक्त भारत अभियान: 10 से 25 फरवरी तक चलेगा विशेष दवा सेवन कार्यक्रम
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार, एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में जिले में हाथीपांव (फाइलेरिया) मुक्त भारत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक ब्लॉक सरायपाली सहित पूरे जिले में विशेष फाइलेरिया रोधी दवा सेवन अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य वर्ष 2027 तक भारत को फाइलेरिया/हाथीपांव मुक्त राष्ट्र बनाना है।
इस संबंध में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर सरायपाली डॉ. कुणाल नायक (शिशु रोग विशेषज्ञ) एवं डॉ. संजय अग्रवाल (स्त्री रोग विशेषज्ञ) ने ब्लॉक सरायपाली के समस्त नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
डॉ. नायक ने बताया कि हाथीपांव एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो मच्छरों के काटने से फैलता है। लंबे समय तक बीमारी रहने पर हाथ-पैर अथवा शरीर के अन्य अंगों में स्थायी सूजन आ जाती है, जिससे व्यक्ति शारीरिक रूप से अक्षम हो सकता है।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित तिथियों में स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवाएं वितरित की जाएंगी। आमजन से अपील की गई है कि वे इन दवाओं का स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सामने ही सेवन करें, किसी भी प्रकार की भ्रांतियों या अफवाहों पर ध्यान न दें तथा अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
डॉ. नायक ने मच्छरजनित रोगों से बचाव हेतु आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरदानी के नियमित उपयोग पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही हाथीपांव जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। प्रत्येक नागरिक का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं दवा सेवन करें, अपने परिवारजनों को भी दवा खिलवाएं और समाज को हाथीपांव मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।